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Nainital News : आपदा से टूटे किसानों को मुआवजे का इंतजार, लेकिन उम्मीद न के बराबर!

Nainital News : आपदा से टूटे किसानों को मुआवजे का इंतजार, लेकिन उम्मीद न के बराबर!

उत्तराखंड आपदा में खेती किसानी को भी भारी नुकसान हुआ.

उत्तराखंड आपदा में खेती किसानी को भी भारी नुकसान हुआ.

Uttarakhand Disaster Aftermath : नैनीताल टूरिज़्म हब तो है ही, बागबानी और कृषि के लिए भी जाना जाता है. यहां पहाड़ी फलों और सब्जियों का खासा उत्पादन होता है. पिछले दिनों आई आपदा में बागबानी और कृषि (Uttarakhand Agriculture) को भी खासा नुकसान हुआ है, जिससे किसानों के आगे संकट खड़ा हो गया है. सरकार (Uttarakhand Government) ने आपदा राहत कार्यों के सिलसिले में मुआवज़े का ऐलान तो कर दिया लेकिन किसानों की मानें तो अब तक मुआवज़े के लिए मुआयना तक नहीं हुआ. कुछ किसान तो इस सरकारी मदद से भी निराश दिख रहे हैं. देखिए पूरी रिपोर्ट.

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नैनीताल. उत्तराखंड में पिछले महीने अतिवृष्टि के कारण आई आपदा में सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िले के तौर पर नैनीताल का दर्द अब भी बना हुआ है. यहां जानो माल के नुकसान के साथ ही खेती किसानी को भी गहरा आघात पहुंचा है. नैनीताल के रामगढ़ व बेतालघाट ब्लॉकों में आपदा का असर खेती किसानी पर काफी दिख रहा है. आपदा से बागान के बागान खत्म हो जाने के कारण फलों और सब्जियों के कारोबार को खासा नुकसान हुआ है. इस बीच राज्य सरकार से मुआवज़ा अब तक न मिलने से किसानों में दुख और गुस्सा दिख रहा है. किसानों का आरोप यहां तक है कि सरकारी मदद तो दूर, कोई अफसर तक उनके पास मुआयना करने नहीं पहुंचा.

18 अक्टूबर की बारिश से सेब, आडू, खुमानी समेत अन्य पहाड़ी फलों के बागान पर अच्छा खासा असर पड़ा, तो सब्जी उत्पादन की खेती भी चौपट हुई. खेत खलिहान, बागान पानी के साथ बह जाने से कास्तकार के रोजी रोटी पर भी संकट गहरा चुका है. वहीं, किसानों में मुआवज़ा नहीं मिलने से नाराजगी है. बेतालघाट ब्लॉक के किसान पीताम्बर भट्ट कहते हैं कि पूरे इलाके में फल बागान को नुकसान आपदा से हुआ और उनकी 18 हजार पौधों की नर्सरी पानी में बह गई, लेकिन न कोई अधिकारी आया और न ही कोई मदद सरकार से अब तक मिल सकी है.

इतनी सी मदद से भी क्या होगा..!
किसानों की पीड़ा यह तो है ही कि सरकार से समय रहते मदद नहीं मिल पा रही है, यह भी है कि सरकार मदद भी कितनी कर पाएगी! रामगढ के फल किसान देवेन्द्र मेर कहते हैं कि 5 लाख का नुकसान उनके आडू बागान का हुआ है. सेब की खेती भी खराब हुई है और सब्जी उत्पादन पर भी इलाके में असर पड़ा है. सब्जी के खेत टूट गये हैं या पानी के साथ बह गये हैं. ‘ऐसे में सरकार जो मुआवज़ा देने की बात कर भी रही है, वो काफी कम है. उससे न खेत बन सकेगा, न ही कोई काम हो सकेगा.’

​कहीं आंकलन हुआ, कहीं बस इंतज़ार
दरअसल जल प्रलय से न सिर्फ खेत बह गए बल्कि एक एक किसान के फल बागान में 4 से 5 लाख रुपये के नुकसान तक के आंकलन का दावा है. हांलाकि उद्यान और कृषि विभाग आंकलन में जुटा है, तो कई किसानों तक अब भी सरकारी अधिकारियों की टीम पहुंच ही नहीं सकी है. इस पर प्रशासन का फिलहाल रवैया यही है कि आंकलन की कार्रवाई की जा रही है और सबको राहत दी जाएगी.

नैनीताल डीएम धीरज गर्ब्याल ने बताया कि सब्जी किसानों को मटर के उन्नत बीज देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जल्द फसल तैयार कर आर्थिक स्थिति ठीक की जा सके. उन्होंने कहा कि सेब की जो पौध सरकारी तौर पर भी तैयार हो रही थी, उसे भी नुकसान हुआ है. किसानों को जो नुकसान हुआ है, उसका आंकलन किया जा रहा है. जल्द ही सभी किसानों को मुआवज़ा दिया जाएगा.

Tags: Nainital news, Uttarakhand Disaster, Uttarakhand landslide, Uttarakhand news

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