हाईकोर्ट ने लगाई टिहरी विस्थापितों को दी गई 52 एकड़ ज़मीन पर पेड़ काटने पर रोक

शर्त थी कि टिहरी विस्थापितों के लिए आवास तैयार करते समय जितने पेड़ काटे जाएं उनका रोपण उसी के आस-पास किया जाए. टीएचडीसी ने पेड़ काटकर आवास तो बना दिए लेकिन पेड़ नहीं लगाए.

News18 Uttarakhand
Updated: August 23, 2018, 7:00 PM IST
हाईकोर्ट ने लगाई टिहरी विस्थापितों को दी गई 52 एकड़ ज़मीन पर पेड़ काटने पर रोक
उत्तराखंड हाईकोर्ट (फ़ाइल फ़ोटो)
News18 Uttarakhand
Updated: August 23, 2018, 7:00 PM IST
उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने ऋषिकेश के वीरपुर खुर्द में टिहरी विस्थापितों के लिए दी गई 52 एकड़ जमीन पर पेड़ काटने पर रोक लगा दी है. साथ ही कोर्ट ने मौजूदा 222 एकड़ में ग्रीन बेल्ट संरक्षित करने के लिए सरकार और वन विभाग को आदेश दिए हैं. बता दें कि टिहरी विस्थापितों को बसाने के लिए सरकार ने टीएचडीसी को 222.60 हैक्टेयर भूमि दी थी जो पूरी तरह से ग्रीन बेल्ट में थी. 99 साल की लीज़ के साथ सरकार ने इसमें कई शर्ते लगा दी थीं.

इसमें एक शर्त यह थी कि टिहरी विस्थापितों के लिए आवास तैयार करते समय जितने पेड़ काटे जाएं उनका रोपण उसी के आस-पास किया जाए. टीएचडीसी ने पेड़ काटकर  आवास तो बना दिए लेकिन पेड़ नहीं लगाए.

इस मामले पर विभा देवी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर कहा कि जब तक टीएचडीसी पेड़ों का रोपण नहीं करती तब तक अग्रिम निर्माण पर रोक लगा दी जाए. याचिकाकर्ता का कहना  था कि  90 फ़ीसदी निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद टीएचडीसी ने एक भी पौधा नहीं लगाया है.

याचिका में यह मांग भी की गई थी कि टीएचडीसी को आदेश दिया जाए कि र्यावरण को जो पनुकसान हुआ है उसकी भरपाई की जाए. अदालत ने पूरे मामले को सुनने के बाद हरियाली से छेड़छाड़ करने पर रोक लगा दी है.

(वीरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट)
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर