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बहुत हुआ जीत का जश्न... अब काम में जुटने का टाइम, बीजेपी ने दिया कार्यकर्ताओं को यह नया लक्ष्य

बहुत हुआ जीत का जश्न... अब काम में जुटने का टाइम, बीजेपी ने दिया कार्यकर्ताओं को यह नया लक्ष्य

लोकसभा चुनावों में बंपर जीत हासिल करने वाली बीजेपी ने पंचायत चुनाव और 2022 की तैयारी शुरु कर दी है और इसी के मद्देनज़र कार्यकर्ताओं को नए लक्ष्य दिए हैं.

लोकसभा चुनावों में बंपर जीत हासिल करने वाली बीजेपी ने पंचायत चुनाव और 2022 की तैयारी शुरु कर दी है और इसी के मद्देनज़र कार्यकर्ताओं को नए लक्ष्य दिए हैं.

बीजेपी ने अपने कार्यकर्ताओं के लिए नए टारगेट सेट कर दिए हैं ताकि आगामी पंचायत चुनाव और उसके बाद 2022 का किला फ़तह किया जा सके.

    बीजेपी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं के जश्न की खुमारी को पूरी तरह से उतार दिया है क्योंकि पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं के सामने कुछ ऐसे लक्ष्य रख दिए हैं जिन्हें हासिल करना कार्यकर्ताओं के लिए आसान नहीं होगा. दोबारा से केंद्र में काबिज होने के बाद बीजेपी अब अपने नए मिशन पर निकल पड़ी है. विश्व में सबसे ज्यादा मेंबरों वाली पॉलिटिकल पार्टी होने का दावा करने वाली बीजेपी ने अपने कार्यकर्ताओं के लिए नए टारगेट सेट कर दिए हैं ताकि आगामी पंचायत चुनाव और उसके बाद 2022 का किला फ़तह किया जा सके.

    सदस्यता बढ़ाने का लक्ष्य 

    बीजेपी के उत्तराखंड में तकरीबन ग्यारह लाख रजिस्टर्ड सदस्य हैं. पार्टी यह संख्या और बढ़ाना चाहती है और इसके लिए अभियान शुरु करने जा रही है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट नैनीताल-ऊधम सिंह नगर सीट से सांसद बन गए हैं इसलिए केंद्र के साथ ही राज्य में भी पार्टी को नया अध्यक्ष चाहिए होगा.

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    अजय भट्ट कहते हैं कि पार्टी अपने संगठन का विस्तार करने पर ध्यान दे रही है. अगले महीने से सदस्यता अभियान शुरु होने जा रहा है और उससे पहले प्रदेश, मंडल, ज़िला, ब्लॉक स्तर पर सदस्यता प्रमुखों का चयन किया जाएगा. पार्टी ने 20% सदस्यता बढ़ाने का लक्ष्य रखा है जिसके बाद नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा.

    कांग्रेस में असमंजस जारी 

    दूसरी तरफ कांग्रेस का असमंजस अभी जारी है जो विधानसभा और लोकसभा चुनावों में करारी हार की बड़ी वजह रहा. पार्टी के वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह कुंजवाल कहते हैं कि जीत-हार तो चुनाव में लगी रहती है. हार से निराश नहीं होना चाहिए और हार के कारणों की समीक्षा कर फिर से उठ खड़े होने का उपाय देखना चाहिए. साफ़ है कि फ्यूचर का रोड मैप तो दूर कांग्रेस अभी हार का आकलन भी नहीं कर पाई है.

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    मज़ेदार बात है कि बंपर जीत के बाद केंद्र की सत्ता में दोबारा काबिज बीजेपी ग्राम पंचायत चुनाव और 2022 की तैयारियों में जुट चुकी है लेकिन दूसरी तरफ कांग्रेस के नेता एक साथ बैठ तक नहीं पाए हैं. ऐसे में कांग्रेस बीजेपी का मुकाबला कैसे करेगी, इसका जवाब कांग्रेस नेताओं को खोजना चाहिए.

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    Tags: Ajay Bhatt, Haldwani news, Uttarakhand BJP, Uttarakhand Congress, Uttarakhand news

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