'जब खुशियां मनाई जाए तो ये न देखा जाए कि हमारे पड़ोस में कौन रहता है'

पूरे देश के साथ साथ उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भी ईद-उल-अजहा यानी बकरीद की रौनक देखने को मिल रही है.

Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: August 22, 2018, 11:16 AM IST
'जब खुशियां मनाई जाए तो ये न देखा जाए कि हमारे पड़ोस में कौन रहता है'
ईद-उल-अजहा पर नैनीताल के जामा मस्जिद में गले मिलते नमाजी
Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: August 22, 2018, 11:16 AM IST
आज पूरे देश में ईद उल जुहा का पर्व मनाया जा रहा है. इस मौके पर उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भी ईद-उल-अजहा यानी बकरीद की रौनक देखने को मिल रही है. सुबह करीब 9 बजे जामा मस्जिद के इमाम अब्दुल खालिक ने नमाजियों को ईद की नमाज अता कराई.

इस दौरान शहर भर के मुस्लिम समुदाय के लोग मल्लीताल पहुंचे, जहां उन्होंने अपनों की सलामती की दुआ के साथ साथ देश और राज्य के लिए अमन चैन की कामना की है. हालांकि इस बार नैनीताल में हाईकोर्ट के आदेश के बाद नमाज के दौरान जामा मस्जिद के इमाम ने शहर के मुस्लिम समुदाय के लोगों से आवाहन किया है कि वो खुले में कुर्बानी न करें. साथ ही कचरा बाहर फेंक कर गंदगी ने फैलाएं. इसके साथ ही इमाम ने कहा कि हाईकोर्ट ने जो भी आदेश दिए हैं उसका पूरी तरह से पालन किया जाएगा.

जामा मस्जिद के इमाम अब्दुल खालिक ने कहा कि "जब खुशियां मनाई जाए, तो ये न देखा जाए कि हमारे पड़ोस में कौन रहता है." उन्होंने कहा कि सबके साथ एक जैसा सुलूक होना चाहिए. वहीं उन्होंने बकरीद के मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों से सड़कों पर गंदगी न फैलाने की अपील की है. उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को इस पर्व को इस तरह से मनाने का आग्रह किया है जिससे न तो उनके पड़ोसी को तकलीफ हो और ना ही सड़क पर चलने वाले किसी राहगीर को कोई परेशानी हो.
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