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Nainital : अंग्रेजों के दौर की सीवर लाइन.. NGT का आदेश, फंड भी, फिर भी क्यों नहीं बन सका सीवेज प्लांट?

नैनीताल में सड़कों के किनारे लगे एसटीपी निर्माण कार्य के बोर्ड.

नैनीताल में सड़कों के किनारे लगे एसटीपी निर्माण कार्य के बोर्ड.

एनजीटी का एक आदेश कभी भी नैनीताल शहर पर भारी पड़ सकता है. अगर शहर में जल्द एसटीपी नहीं लगा तो नैनीताल के कई होटल ही नहीं बल्कि सरकारी दफ्तर और स्कूल पर भी बंद होने का संकट खड़ा हो सकता है. देखिए प्लांट लगाने में लेटलतीफी का आलम देखकर आप क्या कहेंगे?

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नैनीताल. उत्तराखंड की पर्यटन नगरी कहे जाने वाले नैनीताल में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की सख्त ज़रूरत और निर्देश के बावजूद यह काम नहीं होने से अब होटलों, स्कूलों और सरकारी दफ्तरों के बंद होने तक की नौबत आ सकती है. दो साल पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इस बारे में आदेश दिया था, जिसकी मीयाद भी अब खत्म होने को है पर एसटीपी और सीवर लाइन की हालत जस की तस है. शहर में चारों तरफ सीवर लाइन टूट रही है, तो गंदा पानी नालों के ज़रिये झील व नदियों में जा रहा है. आम आदमी से लेकर कारोबारी तक सभी परेशान हैं.

हालांकि पिछले दो महीनों से नैनीताल में सीवर लाइन बनाने के बोर्ड ज़रूर लगाए गए हैं, लेकिन काम एक इंच भी नहीं हो सका है. काम में भारी लेटलतीफी हो रही है. एक होटल कारोबारी प्रवीण शर्मा का कहना है कि लोग पांच साल से इस प्लांट की मांग कर रहे हैं, लेकिन यह काफी लेट हो गया है. ‘पर्यावरण और स्वास्थ्य पर इससे असर तो पड़ ही रहा है, साथ ही अब जिस प्लांट को लगाने की बात की जा रही है, शायद वह लैटेस्ट टेक्नोलॉजी का भी नहीं है. ऐसा है तो यह प्लांट अगले कितने साल टिकेगा?’

नैनीताल में एसटीपी की समस्या क्या है?

दरअसल शहर में सीवर लाइन अंग्रेजों के दौर की ही चल रही है. शहर में आबादी बढ़ने के बाद भी इसमें बदलाव अब तक नहीं हो सका है. अब तो हालत यह हो गई है कि जहां तहां सीवर बह रहा है. एसटीपी लगाने के एनजीटी के आदेश की मीयाद भी मार्च 2020 पूरी हो चुकी, जिसमें 20 कमरों वाले होटलों को अपना खुद का एसटीपी लगाना अनिवार्य था. अनदेखी का आलम यह ​है कि शहर में एसटीपी के लिए अब 77 करोड़ का बजट आया है, तो एडीबी इसका डिज़ाइन ही तय नहीं कर सकी है.

इस बारे में कुमाऊं के कमिश्नर दीपक रावत का कहना है कि नैनीताल की आबादी तो बढ़ ही रही है, साथ ही होम स्टे जैसे प्रोजेक्टों के चलते टूरिस्टों का दबाव भी भविष्य भी बढ़ेगा ही. “ऐसे में एसटीपी को कम से कम 30 सालों के हिसाब से बनाने पर ज़ोर है. लाइन को और चौड़ा करने और एक्सपर्ट्स की सलाह लेने जैसे कारणों से इसमें थोड़ी देर हुई है.”

एनजीटी के आदेश के हिसाब से अब नैनीताल के लिए ज़रूरी है कि जल्द सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाए. अगर ऐसा नहीं होता है तो इसका सीधा असर नैनीताल के पर्यटन पर भी पड़ सकता है और कई होटल बंद भी हो सकते हैं.

Tags: Nainital news, NGT, STP

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