साहसिक खेलों पर प्रतिबंधः सरकार के रुख ने बढ़ाई युवाओं की परेशानी

नौकुचियाताल में कयाकिंग के हालत से लग रहा है कि सहासिक पर्यटन की रफ्तार पूरे राज्य में इसी तरह से रुकी हुई है.

Virendra Bisht
Updated: July 11, 2018, 10:35 AM IST
साहसिक खेलों पर प्रतिबंधः सरकार के रुख ने बढ़ाई युवाओं की परेशानी
प्रदेशभर में ठप हैं साहसिक खेल.
Virendra Bisht
Updated: July 11, 2018, 10:35 AM IST
राज्य में सहासिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं. हाई कोर्ट से मिले निर्देश के बाद सरकार की हिलावली से इस कारोबार पर ग्रहण लगाये हुए है. पिछले दिनों कोर्ट ने सरकार को दो महिने के भीतर सहासिक खेलों के लिये नीति तैयार करने को कहा जरूर था, मगर समय खत्म होने के बाद अब तक सरकार सोई हुई है, जिसके चलते बेरोजगारी का संकट बढ गया है. नौकुचियाताल में कयाकिंग के हालत से लग रहा है कि सहासिक पर्यटन की रफ्तार पूरे राज्य में इसी तरह से रुकी हुई है.

पिछले दिनों हाई कोर्ट से मिले आदेश के बाद पूरे राज्य में राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग कयाकिंग समेत सभी जल खेल बंद हैं, तो इन खेलों से जुड़े युवा भी बेरोजगार हो गए हैं. हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी सरकार नीति दो हफ्तों में तैयार नहीं कर सकी है, सरकार के इस रुख से युवा नाराज हैं.

दरअसल 21 जून को हाई कोर्ट ने आदेश जारी कर कहा था कि राज्य सरकार दो हफ्तों के भीतर राज्य में सभी सहासिक खेलों के लिये नीति तैयार करें. कोर्ट ने कहा था कि जब तक सरकार इन खेलों के लिये उचित कानून नहीं बना लेती तब तक ये खेल बंद रहेंगे. इस आदेश का असर राज्य के ‌टिहरी, ऋषिकेश नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ, चम्पावत समेत सभी जिलों पर पड़ा है.

कोर्ट के आदेश के बाद हजारों युवा बेरोजगार हो गये हैं. कोर्ट से दिये आदेश के दो हफ्ते पूरे होने जा रहे है, तो सरकार अब तक भी इस दिशा में कोई कदम रख नहीं उठा पाई है. सरकार पर कोर्ट के आदेश की अवमानना बनने जा रही है तो सरकार भी अब तेजी की मूड में दिखने लगी है.

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