• Home
  • »
  • News
  • »
  • uttarakhand
  • »
  • Uttarakhand: पूर्व CM की FB Wall पर कमेंट किया तो युवक पर हो गई थी FIR, अब हाईकोर्ट ने दी राहत

Uttarakhand: पूर्व CM की FB Wall पर कमेंट किया तो युवक पर हो गई थी FIR, अब हाईकोर्ट ने दी राहत

भांग की खेती पर बेरोजगार युवक की टिप्पणी पर हाईकोर्ट ने कोर्ट में युवक की पेशी पर रोक लगा दी है.

भांग की खेती पर बेरोजगार युवक की टिप्पणी पर हाईकोर्ट ने कोर्ट में युवक की पेशी पर रोक लगा दी है.

Uttarakhand High Court: भांग की खेती और बेरोजगार युवक द्वारा टिप्पणी पर हाईकोर्ट ने कोर्ट में युवक की पेशी पर रोक लगा दी है. पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की फेसबुक पर बेरोजगार युवक द्वारा टिप्पणी मामले में हाईकोर्ट ने बेरोजगार युवक को निचली अदालत में पेश होने के आदेश पर रोक लगाते हुए राहत दी.

  • Share this:

नैनीताल. भांग की खेती और बेरोजगार युवक द्वारा टिप्पणी पर हाईकोर्ट (High Court) ने कोर्ट में युवक की पेशी पर रोक लगा दी है. पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत (Trivendra Singh Rawat) की फेसबुक पर बेरोजगार युवक द्वारा टिप्पणी मामले में हाईकोर्ट ने बेरोजगार युवक को निचली अदालत में पेश होने के आदेश पर रोक लगाते हुए राहत दी. साथ ही कोर्ट ने शिकायतकर्ता पुलिस जवान और सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है.

दरअसल, त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री रहने के दौरान फेसबुक पेज पर लिखा कि कृषि क्षेत्र को रोजगार से जोड़ा जा रहा है, जिसके तहत भांग की खेती को भी साधन बनाया जा रहा है. पिथौरागढ मुनस्यारी के गर्वित दानू ने कमेंट लिख दिया कि कहीं ऐसा न हो कि 2022 के बाद तुम्हें ही भांग की खेती का रोजगार अपनाना पड़ जाए. अगले ही दिन एसओजी ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. उसके खिलाफ धारा 419, 420 के साथ 66 आईटी एक्ट के तहत 8 मई 2020 मुकदमा दर्ज कर दिया गया. आरोप ये भी लगाया गया कि युवक ने अपनी फेसबुक आईडी पर स्वयं को पुलिस बताया था और सीएम की पोस्ट पर गलत टिप्पणी की है.

हरिद्वार जिला अदालत से जमानत होने के बाद अब युवक के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है. चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट ने आरोपी युवक को 7 अगस्त 2021 को समन्न जारी कर ट्रायल के लिये तलब किया है. इस आदेश को इस बेरोजगार युवक ने हाईकोर्ट में चुनौती दी. कोर्ट में सुनवाई के दौरान युवक गर्वित दानू के वकील ने कहा कि जब वो छोटा था और 11 सालों से उसकी फेसबुक आईडी पर ये लिखा है, लेकिन किसी को उसने कोई हानि नहीं पहुंचाई है और न ही पुलिस के नाम पर धोखाधड़ी की है. पूरी शिकायत राजनीतिक तौर पर उनके खिलाफ की गई है.

कोर्ट ने इस मामले में प्रथमदृष्ट्या गम्भीर मामले को ना मानते हुए निचली अदालत में पेशी पर रोक लगा दी है. इस दौरान वकील दुष्यंत मैनाली ने कहा कि जो टिप्पणी युवक ने की थी वो सिर्फ बेरोजगारी को लेकर थी. मुकदमा पूरे फर्जी तरिके से दर्ज किया गया है. कोई टिप्पणी करना और लेख लिखना उसका मौलिक अधिकार है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज