कुंभ मेला: सीएम तीरथ रावत के आदेशों के बाद सक्रिय हुये अधिकारी, सरकारी काम-काज में दिखने लगी तेजी

कुंभ मेले में तैयारियों को और भी ठोस बनाने के लिए मीटिंग करते अधिकारी.

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    हरिद्वार. उत्तराखंड (Uttarakhand) में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत (CM Tirath Singh Rawat) के पद संभालने के बाद कुंभ मेले के कार्यों में तेजी नजर आ रही है. सीएम बनने के बाद खुद मुख्यमंत्री दो बार कुंभ नगरी हरिद्वार (Haridwar) पहुंचकर साधु-संतों से मुलाकात कर चुके हैं. साथ ही अधिकारियों की कसरत भी तेज हुई है. दो दिन पहले डीजीपी अशोक कुमार ने मेला नियंत्रण भवन पहुंचकर कुंभ मेले के ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारियों से पहले शाही स्नान का फीडबैक लिया था और जरूरी दिशा-निर्देश दिए थे. वहीं सोमवार को गढ़वाल मंडल के कमिश्नर रविनाथ रमन भी हरिद्वार पहुंचे और मेला नियंत्रण भवन में मेला प्रशासन के अधिकारियों के साथ घंटों समीक्षा बैठक की.

    अधिकारियों को सख्त निर्देश

    गढ़वाल कमिश्नर ने कुंभ के कार्यों में ढिलाई बरत रहे विभागों को सख्त निर्देश दिए कि 31 मार्च तक हर हाल में काम पूरे हो जाने चाहिए. कमिश्नर रविनाथ रमन ने मुख्यमंत्री के आदेश पर बैरागी अखाड़ों को बैरागी कैंप में भूमि उपलब्ध कराने और मेला क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क, पार्किंग आदि की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए.

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    बैरागी संतों को मिलेगी भूमि

    कुंभ मेले में शामिल होने वाले 13 अखाड़ों में तीन बैरागी अखाड़े हमेशा से बैरागी कैंप में शिविर लगाते आए हैं. हरिद्वार में उनके पास कोई स्थाई बसेरा नहीं है. अभी तक इन बैरागी अखाड़ों को शिविर लगाने के लिए भूमि आवंटित नहीं की गई थी. मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के आदेश के बाद मेला प्रशासन के अधिकारियों ने भूमि आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सोमवार को अधिकारियों की टीम बैरागी कैंप पहुंची और भूमि आवंटन के लिए पैमाइश की. अपर मेला अधिकारी हरवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद बैरागी अखाड़ों को 2010 के कुंभ मेले की तरह ही भूमि आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. अखाड़ों को एकमुश्त भूमि आवंटित की जाएगी, उसके बाद अखाड़े अपनी व्यवस्था के अनुसार उन्हें आपस में बांट लेंगे. इसके अलावा अखाड़ों के शंकराचार्यों को भी आवश्यकतानुसार भूमि दी जाएगी.

    बैरागी संतो में खुशी का माहौल

    वहीं दिगंबर अणि अखाड़े के सचिव प्रतिनिधि बाबा हठयोगी का कहना है कि नए मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अधिकारियों के काम में तेजी आई है. सरकार ने भूमि आवंटित करने के साथ-साथ बिजली, पानी, शौचालय और सड़क की सुविधा देने की बात कही है. अब कुंभ मेले के स्वरूप पर कोई संशय नहीं है. मेला भव्य और दिव्य होगा.

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