वन रैंक वन पेंशन के मुद्दे पर नहीं थमा विवाद, दून में पूर्व सैनिकों ने लौटाए मेडल

वन रैंक वन पेंशन को लेकर पूर्व सैनिकों की नाराजगी दूर होने का नाम नहीं ले रही है. सरकार द्वारा वन रैंक वन पेंशन को लेकर जारी नोटिफिकेशन के कुछ बिंदुओं पर पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पूर्व सैनिकों ने अपने मेडल वापस लौटाने का फैसला किया और मेडल सरकार को भेजने के लिए एकत्रित कर दिए.

वन रैंक वन पेंशन को लेकर पूर्व सैनिकों की नाराजगी दूर होने का नाम नहीं ले रही है. सरकार द्वारा वन रैंक वन पेंशन को लेकर जारी नोटिफिकेशन के कुछ बिंदुओं पर पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पूर्व सैनिकों ने अपने मेडल वापस लौटाने का फैसला किया और मेडल सरकार को भेजने के लिए एकत्रित कर दिए.

वन रैंक वन पेंशन को लेकर पूर्व सैनिकों की नाराजगी दूर होने का नाम नहीं ले रही है. सरकार द्वारा वन रैंक वन पेंशन को लेकर जारी नोटिफिकेशन के कुछ बिंदुओं पर पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पूर्व सैनिकों ने अपने मेडल वापस लौटाने का फैसला किया और मेडल सरकार को भेजने के लिए एकत्रित कर दिए.

  • Share this:
वन रैंक वन पेंशन को लेकर पूर्व सैनिकों की नाराजगी दूर होने का नाम नहीं ले रही है. सरकार द्वारा वन रैंक वन पेंशन को लेकर जारी नोटिफिकेशन के कुछ बिंदुओं पर पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पूर्व सैनिकों ने अपने मेडल वापस लौटाने का फैसला किया और मेडल सरकार को भेजने के लिए एकत्रित कर दिए.



भले केंद्र सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन की सौगात दे दी गई हो, लेकिन बावजूद इसके पूर्व सैनिकों की नाराजगी बरकरार है. दरअसल वन रैंक वन पेंशन को लेकर जारी नोटिफिकेशन के बिंदुओं पर पूर्व सैनिक काफी नाराज हैं. पूर्व सैनिकों का कहना है कि वन रैंक वन पेंशन के कुछ ऐसे बिंदु हैं, जिनके विरोध के बावजूद भी केंद्र सरकार ने उन बिंदुओं को शामिल कर दिया.



इसमें पेंशन का निर्धारण कैलेंडर वर्ष 2013 तय किया गया है और ये 1 जुलाई 2014 से लागू होगा, जबकि पूर्व सैनिकों का कहना है कि उनकी मांग रही है कि इसे वित्तीय वर्ष 13-14 से लागू किया जाना चाहिए, जो कि पूर्व सैनिकों की मांग रही है. इसके अलावा पेंशन का रिविजन हर पांच साल में होगा, जिसको लेकर भी पूर्व सैनिकों को एतराज है.





उनका कहना कि इसके चलते पूर्व सैनिकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. यही नहीं केंद्र द्वारा द्वारा पेंशन से जुड़े मामलों को निस्तारण के लिए बनाई जाने वाली जूडिशियल कमेटी को लेकर भी पूर्व सैनिक खफा है.
पूर्व सैनिकों का कहना है कि जूडीशियल कमेटी को ये अधिकार ही नहीं होगा कि नोटिफिकेशन में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव किया जा सके. इसके साथ ही पूर्व सैनिक इस कमेटी में तीनों सेनाओं का प्रतिनिधित्व भी चाहते हैं और साथ में एक प्रतिनिधित्व कार्यरत सैनिकों से भी चाहते हैं.



देहरादून में पूर्व सैनिकों ने लौटाए अपने मेडल



वन रैंक वन पेंशन के प्रावधानों से नाराज पूर्व सैनिकों ने राजधानी देहरादून में अपने मेडल वापस लौटने का फैसला किया. यूनाइटेड फोरम ऑफ एक्ससर्विसमैन के बैनर तले पूर्व सैनिक राजधानी दून स्थित परेड मैदान में अपने-अपने मेडल लेकर पहुंचे. कुछ पूर्व सैनिकों की विधवा भी मेडल के साथ पहुंचीं, जहां पर उन्होंने अपने-अपने मेडल भारत सरकार को वापस लौटने के लिए जमा कर दिए. पूर्व सैनिकों का कहना है कि उनके साथ न्याय नहीं किया गया है और इसीलिए वो मेडल लौटा रहे हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज