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अलकनंदा नदी का दम फूलने लगा, तो धारीदेवी शक्तिपीठ पर मंडराने लगा संकट, बढ़ती गाद बड़ी वजह

पौड़ी में नदी में स्थित धारीदेवी शक्तिपीठ पर संकट बढ़ रहा है.

पौड़ी में नदी में स्थित धारीदेवी शक्तिपीठ पर संकट बढ़ रहा है.

Dharidevi Shaktipeeth In Danger: सैकड़ों लोगों की जान लेने वाली साल 2013 की केदारनाथ आपदा को कारण माना जाता रहा है कि मां धारी की प्रतिमा मूल स्थल से जबरन हटाई गई. मान्यता है कि धारीदेवी शक्तिपीठ में महाकाली के रूप में विराजमान मां आद्यशक्ति के मुख के दर्शनों के साथ विभिन्न प्रहरों में मां धारीदेवी के अलग-अलग रूपों के दर्शन भक्तों को होते हैं. ऐसे में आस्था और विश्वास की प्रतीक मां धारीदेवी शक्तिपीठ पर मंडराते खतरे को समय रहते दूर किए जाने की मांग उठने लगी है.

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पौड़ी गढ़वाल. अलकनन्दा नदी के अविरल शांत प्रवाह के मध्य में स्थित है मां धारीदेवी शक्तिपीठ. इन दिनों इस शक्तिपीठ पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, क्योंकि नदी का स्तर उठता जा रहा है. असल में, 440 मेगावाट क्षमता की श्रीनगर जलविद्युत परियोजना के निर्माण में बाधा के कारण मां धारीदेवी मंदिर को उसके मूल स्थान से अलकनन्दा नदी के बीचों बीच पिलरों पर अपलिफ्ट किया गया था. 2013 में मूल मंदिर बांध की झील में समा गया था, जिसके बाद नये मंदिर में मां धारी की प्रतिमा को स्थापित किया गया था. अब बांध की झील में लगातार भर रही सिल्ट यानी गाद (Silt) के कारण रिवर बेड ऊपर उठ रहा है, तो मंदिर संकट में दिख रहा है.

दरअसल साल दर साल बांध की झील में अलकनन्दा नदी द्वारा ऊपरी क्षेत्रों से लाई गई गाद भरती जा रही है, जिसे साफ नहीं किए जाने के कारण नदी की सतह ऊपर की ओर बढ़ती जा रही है. ऐसे में बरसात में जलस्तर काफी बढ़ने के साथ मंदिर को खतरा तो पैदा हो ही जाता है, बरसाती सीज़न निकलने के बाद जलस्तर में कमी के साथ नदी के बीचोंबीच रेत के दलदल टापू बन जाते हैं. इनसे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है, तो नदी के उठते तल के कारण किनारों में हो रहे कटाव से भी मंदिर खतरे में है. कैबिनेट मंत्री धनसिंह रावत इस मामले में हल का आश्वासन ज़रूर दे रहे हैं.

खतरे के चलते भक्तों की आवाजाही प्रभावित

पौड़ी और रुद्रप्रयाग जनपद की सीमाओं से अलकनन्दा नदी के बीचों बीच स्थित प्रसिद्ध धारीदेवी शक्तिपीठ के पुजारी विवेक पांडे का कहना है कि खतरे के चलते मंदिर में भक्तों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, तो वहीं, श्रीनगर गढ़वाल क्षेत्र से इस बार भी भाजपा के प्रत्याशी धनसिंह रावत का कहना है कि मंदिर की समस्याओं को सुलझाने के लिए कुछ मुद्दों पर काम किया गया है और जो बची हुई मुश्किलें हैं, उन्हें भी सुलझा लिया जाएगा.

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कल्याणी नदी रुद्रपुर में बन गई नाला

उत्तराखंड की कई नदियां प्रदूषण, खनन, खुदाई, अतिक्रमण और अनदेखी जैसे कारणों के चलते संकट में आ गई हैं. उधमसिंह नगर ज़िले के रुद्रपुर में कल्याणी नदी सिर्फ एक नाला बनकर रह गई है. अब इस नदी के कल्याण के लिए मांग उठा रहे पर्यावरण प्रेमी स्थानीय लोगों को जागरूक कर रहे हैं तो प्रशासन भी नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत इस नदी के लिए जीर्णोंद्धार काम करवाने की कवायद शुरू कर रहा है.

Tags: Mission Paani, Uttarakhand news, Water Pollution

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