अब फिरेंगे ‘बीटल्स की 84 कुटिया’ के दिन,केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने राज्य सरकार से किया यह समझौता

उत्तराखंड के ऋषिकेश में महर्षि महेश योगी (Maharishi Mahesh Yogi) ने 60 के दशक में बनवायी थी कुटिया, बीटल्स बैंड (Beatles Band) से रहा है नाता, अब भी देखने आते हैं विदेशी

Ashish Dobhal | News18 Uttarakhand
Updated: August 21, 2019, 5:20 PM IST
अब फिरेंगे ‘बीटल्स की 84 कुटिया’ के दिन,केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने राज्य सरकार से किया यह समझौता
60 के दशक में महेश योगी ने इसका निर्माण कराया था, बाद में ये जगह बीटल्स की 84 कुटिया के नाम से मशहूर हुई
Ashish Dobhal
Ashish Dobhal | News18 Uttarakhand
Updated: August 21, 2019, 5:20 PM IST
देर आए दुरुस्त आए… अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके महर्षि महेश योगी ( Maharishi Mahesh Yogi) के चौरासी कुटिया बीटल्स आश्रम ( Beatles Ashram) के दिन अब सुधरने की उम्मीद बनी है. केन्द्रीय पर्यटन मत्रांलय ने, ‘अपनी धरोहर अपनी पहचान’ योजना के तहत चौरासी कुटिया को गोद लेने के लिए उत्तराखंड पर्यटन मंत्रालय से समझौता किया है. केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद सिंह ने उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को एक समझौता पत्र सौंपा है, जिसमें उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थित चौरासी कुटिया और रुद्रप्रयाग के नारायण मंदिर को गोद लेने की स्वीकृति दी गई है. रोचक ये है कि इस कुटिया से बीटल्स बैंड (Beatles Band) का गहरा नाता है.

60 के दशक में बसाई गई थी 84 कुटिया 

गौरतलब है कि महर्षि महेश योगी ने भारतीय योग को पहली बार विदेशियों से रूबरू करवाया था. उन्होंने ऋषिकेश के गंगा तट पर 60 के दशक में प्राचीन और वैज्ञानिक पद्धति को मिलाकर एक नगर बसाया था- शंकराचार्य नगर. इसमें गोल गुम्बदाकार 84 कुटिया का निर्माण किया गया था जो आज भी अद्भुत कारीगरी के अनूठे मेल की मिसाल है.

60 और 70 के दशक में मशहूर बैंड बीटल्स महेश योगी के शिष्य बने थे और फिर वह ऋषिकेश भी पहुंचे. बीटल्स की लोकप्रियता पर सवार होकर भारतीय योग और आध्यात्म पश्चिम पहुंचा और तब पहली बार पूर्व और पश्चिम का मिलन हुआ.

आज भी बड़ी संख्या में आते हैं विदेशी 

बीटल्स के चाहने वाले पश्चिमी दुनिया में बहुत थे और उनके योग अपनाने के बाद दुनया भर के विदेशी भारत का रुख करने लगे और फिर भारतीय योग पूरी दुनिया में तेज़ी से फैला. विदेशियों में आज भी इस आश्रम को देखने का बड़ा क्रेज़ है. आज भी सात समंदर पार से विदेशी ऋषिकेश में स्थित 84 कुटिया का रुख करते हैं.

30 साल बाद 2015 में राजा जी टाइगर रिज़र्व पार्क ने विश्व भर के योगप्रेमियों के लिए महर्षि महेश योगी के आश्रम को खोल दिए और यहां देसी-विदेशी पर्यटकों को घूमने की इजाजत दे दी. इसके बाद इसे पर्यटन के नक्शे पर लाने के लिए पर्यटन विभाग ने कई सांसकृतिक आयोजन भी किए. हांलाकि साल भर दुनिया भर के बीटल्स के दीवाने यहां आकर इस धरोहर का दीदार करते हैं.
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First published: August 21, 2019, 3:34 PM IST
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