Home /News /uttarakhand /

चौबट्टाखाल की हार-जीत तय करेगी सतपाल महाराज की राह

चौबट्टाखाल की हार-जीत तय करेगी सतपाल महाराज की राह

कांग्रेस से बागी होकर भाजपा में शामिल हुए सतपाल महाराज की साख भी दांव पर लगी हुई है

कांग्रेस से बागी होकर भाजपा में शामिल हुए सतपाल महाराज की साख भी दांव पर लगी हुई है

2017 के विधानसभा चुनाव कईं मायनों में अहम होने जा रहें हैं. इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से बागी होकर भाजपा में शामिल हुए सतपाल महाराज की साख भी दांव पर लगी हुई है. जनपद पौड़ी की चौबट्टाखाल विधानसभा से भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा विधायक तीरथ सिंह रावत का टिकट कटने के बाद चुनावी रण में उतरे सतपाल महाराज हालांकि अपने गृहक्षेत्र से पहली बार विधायक के लिए चुनाव लड़ रहें है.

अधिक पढ़ें ...
    2017 के विधानसभा चुनाव कईं मायनों में अहम होने जा रहें हैं. इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से बागी होकर भाजपा में शामिल हुए सतपाल महाराज की साख भी दांव पर लगी हुई है.

    जनपद पौड़ी की चौबट्टाखाल विधानसभा से भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा विधायक तीरथ सिंह रावत का टिकट कटने के बाद चुनावी रण में उतरे सतपाल महाराज हालांकि अपने गृहक्षेत्र से पहली बार विधायक के लिए चुनाव लड़ रहें है. लेकिन भाजपा के अंदर चल रहे असंतोष और दागी बागियों की लड़ाई के चलते वह भी इसका खामियाजा भुगत सकते हैं.

    कांग्रेस का ढाई साल पहले दामन छोड़ चुके भाजपा नेता सतपाल महाराज के लिए वर्ष 2017 का विधानसभा चुनाव उनके राजनीतिक कैरियर के लिए अहम समझा जा रहा है. दरअसल अपने गृहक्षेत्र चौबट्टाखाल की विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरे सतपाल महाराज के लिए यह चुनाव इतना निर्णायक साबित हो सकता है कि उनका राजनीतिक कद ही दांव पर लग सकता है. चौबट्टाखाल से मौजूदा विधायक और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत का टिकट कटने के बाद भाजपा के टिकट पर चुनावी मैदान में सतपाल महाराज उतरे हैं. यदि महाराज अपनी विधानसभा से चुनाव जीत जाते हैं और प्रदेश में भाजपा सरकार बनाने की स्थिति में आती हैं तो सतपाल महाराज भी मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार होंगे. लेकिन यदि महाराज चुनाव हार जाते है तो फिर उनके लिए भाजपा में आगे की राहें कांटों भरी हो सकती है. खुद सतपाल महाराज भी मानते है कि वर्ष 2017 का विधानसभा चुनाव उनके लिए भी कई मायनों में अहम साबित हो सकता है. जिस चौबट्टाखाल विधानसभा सें सतपाल महाराज भाजपा के टिकट पर अपनी किस्मत आजमा रहें है, उसी विधानसभा से पूर्व में उनकी पत्नी अमृता रावत भी दो बार राज्य विधानसभा का चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंच चुकी है. ऐसे में इस बार भाजपा के टिकट पर सतपाल महाराज का भविष्य किस करवट बैठता है, इसको लेकर पूरी चौबट्टाखाल क्षेत्र की जनता की निगाह लगी हुई है.
    उधर दूसरी ओर कांग्रेस ने भाजपा के हेवीवेट प्रत्याशी सतपाल महाराज के खिलाफ राजपाल बिष्ट को चुनावी मैदान में उतारा है, जो वर्ष 2012 के चुनाव में भाजपा नेता तीरथ सिंह रावत से चुनाव हार गये थे. लेकिन बदली परिस्थितियों और बदले समीकरणों के बीच चौबट्टाखाल विधानसभा की जनता इस बार किसके सिर पर जीत का सेहरा बांधती है, इस पर भाजपा के साथ ही कांग्रेस की भी निगाहें लगी हुई हैं.
    कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गिरीराज हिंदवान की यदि मानें तो सतपाल महाराज पहले कांग्रेस में ही थे, दलबदल करना महाराज पर भारी पड़ सकता है. उधर स्थानीय भाजपा नेताओं का कहना है कि महराज की जीत तय है. अब देखना होगा कि 15 फरवरी को मतदान के बाद 11 मार्च को नतीजे किसके हक में जाते हैं.

    Tags: Uttarakhand news

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर