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Exclusive Video: क्या हुआ जब जनरल रावत अपने गांव पहुंचे? दूसरे VIDEO में देखें कैसे कविता से यूथ में भरा जोश

Exclusive Video: क्या हुआ जब जनरल रावत अपने गांव पहुंचे? दूसरे VIDEO में देखें कैसे कविता से यूथ में भरा जोश

गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्रों को पिछले हफ्ते ही जनरल बिपिन रावत ने डिग्रियां प्रदान की थीं.

गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्रों को पिछले हफ्ते ही जनरल बिपिन रावत ने डिग्रियां प्रदान की थीं.

General Bipin Rawat Video : 'डिग्री का मतलब सिर्फ नौकरी पा लेना नहीं है, बल्कि आपको नौकरी देने वाला बनना चाहिए... उत्तराखंड में स्टार्टअप (Start-ups in Uttarakhand) की अपार संभावनाएं हैं. पर्यटन क्षेत्र के साथ ही जड़ी बूटियों समेत ऑर्गेनिक खेती (Organic Farming) जैसे बड़े विकल्प हैं. हमें पर्यावरण का ध्यान रखना है...' ये बातें हेलिकॉप्टर हादसे (Chopper Crash) में दिवंगत हुए सीडीएस विपिन रावत ने युवा स्टूडेंट्स से कही थीं, जब वह पिछले हफ्ते उत्तराखंड आए थे. उनके हाथ से डिग्री पाकर (Convocation Ceremony) गौरवान्वित हुए युवाओं को क्या पता था, यह याद कुछ ही दिनों में उनकी आंखें नम करेगी.

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“असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो तुम
कहां खामियां रह गईं, इस पर विचार करो तुम
मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़े चलो तुम
फिर देखो नई चोटियों के ऊपर
अपना परचम लहराये चलो तुम…”

देहरादून. युवाओं को प्रेरणा देने वाली ये पंक्तियां अपने सादगी भरे अंदाज़ में बयान की थीं जनरल बिपिन रावत ने, जो बुधवार को एक हैलिकाप्टर हादसे में पत्नी और स्टाफ संग अपनी जान गंवा बैठे. आकस्मिक और दुखद निधन से सिर्फ एक हफ्ते पहले ही 1 दिसम्बर को जनरल रावत उत्तराखंड तब आए थे, जब श्रीनगर गढ़वाल में आयोजित गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय का नवां दीक्षांत समारोह हुआ था. यहां बतौर विशिष्ट अतिथि उन्होंने छात्रों को अपने सम्बोधन के दौरान कविता की इन पंक्तियों को सुनाकर न केवल उनकी तालियां बटोरी थीं, बल्कि उनमें देश के लिए एक जज़्बे का संचार भी किया था.

दीक्षांत समारोह के वीडियो से पहले आपको दिखाते हैं वो एक्सक्लूसिव वीडियो, जिसमें जनरल बिपिन रावत अपने पुश्तैनी गांव सैंण में दिख रहे हैं. सेना प्रमुख रहते हुए 29 अप्रैल 2018 को अपने गांव पहुंचने पर जनरल रावत काफी खुश दिखे और उन्होंने घर व खेत के बारे में जानकारियां ली थीं. उनके परिजनों के मुताबिक सीडीएस पद से रिटायर होने के बाद जनरल रावत गांव में एक छोटा मकान बनाने की तमन्ना रखते थे.

गढ़वाल यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम के लिए भी जनरल रावत सेना के हैलिकाप्टर से ही पहुंचे थे. दरअसल समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान को पहुंचना था, लेकिन संसद सत्र के कारण वह समारोह में नहीं पहुंच सके और इस कारण बतौर अतिथि जनरल रावत पहुंचे थे और उन्होंने स्टूडेंट्स को डिग्रियां प्रदान की थीं. स्टूडेंट्स ने कहा भी कि वो खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के हाथों उन्हें डिग्रियां मिलीं. इस कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए रावत ने उत्तराखंड की समस्याओं पर भी चिंता जताई थी.

रिवर्स माइग्रेशन चाहते थे जनरल रावत
उत्तराखंड के पौड़ी ज़िले के रहने वाले सीडीएस रावत को उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों से पलायन की हमेशा चिंता रही. उन्होंने चिंता जताते हुए पलायन के कारण उत्तराखंड के खाली होते सीमावर्ती गांवों में ढांचागत सुविधाओं के विकास की बात कही थी. उन्होंने उम्मीद भी जताई थी कि ऐसा होने के बाद लोग निश्चित तौर पर अपने गांवों को लौटेंगे. उनका मानना था कि चीन और नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े इलाकों में पलायन को रोकना बेहद अहम है.

देश की सुरक्षा के लिए सीमा से सटे इलाकों से हो रहे पलायन रोकने को ज़रूरी नहीं, बल्कि रावत मानते थे कि चले गए लोगों को लौटाना भी ज़रूरी था इसलिए ही उन्होंने सम्बन्धित क्षेत्रों में स्कूल, सड़क और स्वास्थ्य सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की ज़रूरत बताई थी.

Tags: Bipin Rawat, CDS General Bipin Rawat, GEN Bipin Rawat Passes Away, Pauri news, Uttarakhand news

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