दो दिन बाद भी कोटद्वार में स्थिति सामान्य नहीं, प्रभावितों से मिले हरक सिंह

हरक सिंह रावत ने कहा कि फ़ौरी तौर पर राहत शिविर बनाकर पीड़ितों को उनमें शिफ़्ट कर दिया गया है.

News18 Uttarakhand
Updated: August 27, 2018, 5:29 PM IST
दो दिन बाद भी कोटद्वार में स्थिति सामान्य नहीं, प्रभावितों से मिले हरक सिंह
भारी बरसात के चलते कोटद्वार में मची तबाही के दो दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है.
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Updated: August 27, 2018, 5:29 PM IST
भारी बरसात के चलते कोटद्वार में मची तबाही के दो दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है. जल-प्रलय से पीड़ित परिवारों ने राहत शिविरों में शरण ले रखी है. जिला प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है. शनिवार सुबह नदी-नालों में आए पानी के सैलाब से कोटद्वार में भारी तबाही हुई थी. गदेरों के उफान में दो मकान समा गए थे जबकि आमपड़ाव इलाके में रहने वाली एक महिला की बह जाने से मौत हो गयी वहीं कई मोटर पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

कोटद्वार बाज़ार के नज़दीक मानपुर, शिवपुर, कौड़िया, सूर्यनगर में लोगों के घरों की दीवार टूट जाने से घरों में पानी और मलबा घुस गया है. यही हाल भाभर क्षेत्र का भी है जहां सत्तीचौड़, झंडीचौड़, पदमपुर, मोटाढाक इलाके में लोगों के घर पानी में डूब गए है.

अब भी छह घर खतरे की जद में जिनके टूटने की आशंका बनी हुई है. कोटद्वार के विधायक और कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने  आपदा ग्रस्त इलाकों का भ्रमण कर स्थिति का जायज़ा लिया. उन्होंने बताया कि फ़ौरी तौर पर राहत शिविर बनाकर पीड़ितों को उनमें शिफ़्ट कर दिया गया है.

इन राहत शिविरों में रहने-खाने की व्यवस्था तो की ही गई है स्वास्थ्य विभाग को भी यह देखने को कहा गया है कि कोई बीमारी फैलने की आशंका तो नहीं है. रावत ने कहा कि अधिकारियों को जल्द से जल्द स्थिति सामान्य बनाने के लिए युद्धस्तर पर काम करने को कहा गया है.

(अनुपम भारद्वाज की रिपोर्ट)

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