फंदे से कट गया था मेडिकल कॉलेज में छुपे गुलदार का गला... खाने-पीने तक के काबिल नहीं था

गले में तार के का फंदा कसने की वजह से उसका गला गट गया था और उसमें इंफ़ेक्शन हो गया था.

Sudhir Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: July 2, 2019, 9:29 PM IST
फंदे से कट गया था मेडिकल कॉलेज में छुपे गुलदार का गला... खाने-पीने तक के काबिल नहीं था
गले में तार के का फंदा कसने की वजह से गुलदार का गला गट गया था और उसमें इंफ़ेक्शन हो गया था.
Sudhir Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: July 2, 2019, 9:29 PM IST
राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में 50 घंटे तक कैद में रहने के बावजूद कैमरे में मदमस्त शान से टहलते दिख रहे गुलदार की कहानी जब मौत के साथ खत्म हुई तो पता चला कि वह दरअसल बेइंतहा दर्द में था. वीडियो में जो चाल की मस्ती लग रही थी वह गले में तार के फंदे की वजह से हो रहे असहनीय दर्द के चलते बदली हालत थी. उसके जीवन के साथ यह दर्द भी हमेशा के लिए खत्म हो गया.

घबराकर किया था हमला 

राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में 50 घंटे तक वन विभाग, शिकारियों और वन्यजीव विशेषज्ञों को छकाने वाले गुलदार का अंत बहुत ही दुखद तरीके से हुआ. गले में तार के का फंदा कसने की वजह से उसका गला गट गया था और उसमें इंफेक्शन हो गया था. इसकी वजह से वह खाने-पीने में लाचार हो गया था और मेडिकल कॉलेज शायद शेल्टर की तलाश में ही आया था, जहां घबराकर उसने तीन कर्मचारियों पर हमला कर दिया था.

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गले में फंसा फंसा होने की वजह से वह खाने-पीने में लाचार हो गया था और मेडिकल कॉलेज शायद शेल्टर की तलाश में ही आया था जहां घबराकर उसने तीन कर्मचारियों पर हमला कर दिया था.


तीन दिनों तक मेडिकल कॉलेज के 7 विभागों वाली बिल्डिंग में कैद इस गुलदार की दयनीय हालत दरअसल कोई देख ही नहीं सका. कॉलेज के खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों के कारण भी उसकी असहाय स्थिति का पता नहीं चल सका.

कॉलेज प्रशासन ने ली राहत की सांस 

बहरहाल तीन दिन तक दहशत में जी रहे कॉलेज प्रशासन, स्टूडेंट्स और कर्मचारियों ने गुलदार की मौत से राहत की सांस ली है. श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर सीएमएस रावत कहते हैं कि अब यहां पढ़ाई शुरु हो पाएगी जो इस मामले के चलते बाधित हो गई थी.
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इंसान के लिए तो अपनी ख़ुशी-तकलीफ़ कहकर बयां करना आसान है लेकिन ये मूक जानवर आखिर अपनी पीड़ा बयां करता कैसे. इंसान और जानवरों के एक-दूसरे से ख़ौफ़ ही वजह है कि गले के दर्द से छटपटाता ये गुलदार जब खाने-पीने तक में असमर्थ था तो हर कोई उससे निजात पाने की सोच रहा था. त्रासदी देखिए कि इंतज़ार में थक गई रेस्क्यू टीम ने तीसरे दिन अंदर जाकर गुलदार को ढूंढा तो खुद को खतरे में समझ आत्मरक्षा में हमला करने वाले गुलदार को आत्मरक्षा में चलाई गई गोली से ही मौत मिली.

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First published: July 2, 2019, 7:02 PM IST
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