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कोटद्वार में 50 से ज़्यादा घर गिराने का नोटिस... रजिस्ट्री लेकर SDM ऑफ़िस पहुंचे प्रभावित, फिर पैमाइश की मांग

Anupam Bhardwaj | News18 Uttarakhand
Updated: November 5, 2019, 7:23 PM IST
कोटद्वार में 50 से ज़्यादा घर गिराने का नोटिस... रजिस्ट्री लेकर SDM ऑफ़िस पहुंचे प्रभावित, फिर पैमाइश की मांग
कोटद्वार के सिंबलचौड़ इलाक़े में 50 से ज़्यादा भवनों को खाली कराकर ध्वस्त कराने के नोटिसों से से यहां रहने वाले लोगों में हड़कंप मचा हुआ है.

कोटद्वार एसडीएम (Kotdwar SDM) ने ज़मीन की दोबारा पैमाइश करने का वादा किया और कहा कि देखा जाएगा कि कितने लोगों के पास ज़मीन की रजिस्ट्री (Registry of land) मौजूद है.

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कोटद्वार. कोटद्वार (कोटद्वार) के सिंबलचौड़ (Simbalchaud) इलाक़े में 50 से ज़्यादा भवनों को खाली कराकर ध्वस्त कराने के नोटिसों से (notice to demolish houses) से यहां रहने वाले लोगों में हड़कंप मचा हुआ है. इन लोगों का कहना है कि उन्होंने ज़मीन ख़रीदकर उस पर मकान बनाए हैं और उनके पास बाकायदा इनकी रजिस्ट्री (Registry) भी है. ज़िला प्रशासन का कहना है कि यह ज़मीन सरकारी (Government land) है और भू-माफ़िया (land mafia) ने इस पर कब्ज़ा कर इसे बेचा है इसलिए पौड़ी के ज़िलाध्यक्ष (Pauri DM) के आदेश पर भवन खाली करवाने के नोटिस दिए जा रहे हैं.

ज़्यादातर पूूर्व सैनिक 

कोटद्वार के सिंबलचौड़ इलाक़े में रहने वाले 50 से ज़्यादा लोगों को पौड़ी ज़िला प्रशासन ने ज़मीन खाली करने और उनके मकान ध्वस्त करने का नोटिस दिया गया है. राजस्व विभाग की कार्रवाई को ग़लत बताते हुए आज ये लोग कोटद्वार एसडीएम ऑफ़िस पहुंचे और ज़मीन की रजिस्ट्री और नक्शा दिखाते हुए कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है.

सिंबलचौड़ में रहने वाले ज़्यादातर लोग पूर्व सैनिक हैं जिन्होंने रिटायरमेंट के बाद अपने घर बनाने के लिए 2001 से 2005 के बीच ये ज़मीन खरीदी थी. इसकी बाकायदा रजिस्ट्री भी कराई गई थी और फिर इन लोगों ने यहां पर पक्के मकान बनाए हैं.

kotdwar encroachment notice, राजस्व विभाग की कार्रवाई को ग़लत बताते हुए आज ये लोग कोटद्वार एसडीएम ऑफ़िस पहुंचे और ज़मीन की रजिस्ट्री और नक्शा दिखाते हुए कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है.
राजस्व विभाग की कार्रवाई को ग़लत बताते हुए आज ये लोग कोटद्वार एसडीएम ऑफ़िस पहुंचे और ज़मीन की रजिस्ट्री और नक्शा दिखाते हुए कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है.


भू-माफ़िया ने बेची ज़मीन 

कुछ समय पहले से इन्हें ज़मीन खाली करने के नोटिस आने लगे हैं. प्रशासन का कहना है कि जिस ज़मीन पर मकान बने हैं वह जमीन ऐसे व्यक्ति की थी जिसके परिवार में कोई नहीं था. ज़मीन मालिक की मौत के बाद भू-माफियाओं ने ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया और उसे लोगों को बेच दिया.
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ज़मीन का कोई वारिस न होने की वजह से जांच के बाद इसे सरकारी संपत्ति घोषित किया गया, इसलिए इसे खाली करवाया जा रहा है.

kotdwar encroachment notice, एसडीएम योगेश मेहना ने ज़मीन की दोबारा पैमाइश करने का वादा किया है.
एसडीएम योगेश मेहना ने ज़मीन की दोबारा पैमाइश करने का वादा किया है.


फिर होगी पैमाइश 

इन लोगों का कहना है कि जिस ज़मीन की बात प्रशासन कर रहा है वह यह ज़मीन नहीं है, पहले पैमाइश ग़लत की गई है. इन लोगों ने एसडीएम से ज़मीन की पैमाइश दोबारा करने की मांग की.

एसडीएम योगेश मेहता ने ज़मीन की दोबारा पैमाइश करने का वादा किया और कहा कि देखा जाएगा कि कितने लोगों के पास ज़मीन की रजिस्ट्री मौजूद है.

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First published: November 5, 2019, 7:20 PM IST
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