कोटद्वार को मिलेगा नया नाम, नगर निगम ने प्रस्‍ताव पारित कर शुरू की प्रक्रिया
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कोटद्वार को मिलेगा नया नाम, नगर निगम ने प्रस्‍ताव पारित कर शुरू की प्रक्रिया
अब इस नए नाम से जाना जाएगा 'कोटद्वार', प्रक्रिया शुरू

कोटद्वार नगर निगम बोर्ड ने कोटद्वार शहर को नया नाम देते हुए कोटद्वार से पूर्व कण्वनगरी जोड़ने का फैसला लिया है. यानि अब कोटद्वार का पूरा नाम कण्वनगरी कोटद्वार होगा. नगर निगम से इस प्रस्ताव पर मोहर लग चुकी है. साथ ही इसके लिए जरूरी प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है.

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एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश में कई शहरों के नए नामकरण हो चुके हैं, वहीं पौड़ी जिले के कोटद्वार शहर को भी जल्द ही नए नाम से पहचाना जाएगा. नगर निगम कोटद्वार ने कोटद्वार शहर के नाम में बदलाव करने का प्रस्ताव पारित किया है. साथ ही नए नाम को सभी जगह बदलने के लिए जरूरी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.

गढ़वाल का प्रवेश द्वार और पौड़ी जिले का सबसे बड़ा शहर कोटद्वार अब नए नाम से जाना जाएगा. कोटद्वार नगर निगम बोर्ड ने कोटद्वार शहर को नया नाम देते हुए कोटद्वार से पूर्व कण्वनगरी जोड़ने का फैसला लिया है. यानी अब कोटद्वार का पूरा नाम कण्वनगरी कोटद्वार होगा. नगर निगम से इस प्रस्ताव पर मोहर लग चुकी है. साथ ही इसके लिए जरूरी प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है ताकि सभी सरकारी दस्तावेजों और साइन बोर्डों में भी पुराने नाम को बदला जा सके.

प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने भी नगर निगम के इस फैसले की तारीफ की है और नए नामकरण पर खुशी जाहिर की.



कोटद्वार का नाम कण्वनगरी कोटद्वार हो जाने से लोगों में खुशी है. इससे सबसे ज्यादा उत्साहित कोटद्वार का कोठारी परिवार है. दरअसल, महर्षि कण्व ऋषि को अपना आदर्श मानने वाला कोठारी परिवार पिछले कई दशकों से कोटद्वार को कण्व नगरी के नाम से पहचान दिलाने की जद्दोजहद कर रहा था. इसके लिए उसने केंद्र और राज्य सरकारों से काफी बार नाम परिवर्तन करने का आग्रह भी किया. इसके बाद उन्होंने यह प्रस्ताव नगर निगम के सामने रखा.
स्थानीय निवासी मयंक कोठारी का कहना है कि देश का नाम जिस राजा के नाम पर पड़ा, उनका जन्म कण्वाश्रम की धरती पर हुआ था. ऐसे में इस धरती की पहचान दुनिया में हो, इसके लिए कोटद्वार को सिर्फ गढ़वाल के प्रवेश द्वार के नाम से ही नहीं बल्कि कण्वघाटी के नाम से भी पहचान दिलानी चाहिए.

बहरहाल, कोटद्वार के नाम के साथ छेड़छाड़ न करते हुए जिस चतुराई से नाम बदला गया है वह काबिले तारीफ है. सरकार के इस फैसले से जहां कोटद्वार की पहचान देश-दुनिया में होगी, वहीं कण्वनगरी कोटद्वार का नाम सुनते ही पर्यटकों को भी यहां आने की जिज्ञासा होगी.

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