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कोटद्वार की सुरक्षा के लिए सतर्क नहीं है मित्र पुलिस

कोटद्वार की सुरक्षा के लिए सतर्क नहीं है मित्र पुलिस

अपराधों की दृष्टि से संवेदनशील शहरों की फेहरिस्त में शामिल कोटद्वार शहर की सुरक्षा के साथ पुलिस बड़ा खिलवाड़ कर रही है.

अपराधों की दृष्टि से संवेदनशील शहरों की फेहरिस्त में शामिल कोटद्वार शहर की सुरक्षा के साथ पुलिस बड़ा खिलवाड़ कर रही है.

अपराधों की दृष्टि से संवेदनशील शहरों की फेहरिस्त में शामिल कोटद्वार शहर की सुरक्षा के साथ पुलिस बड़ा खिलवाड़ कर रही है.

अपराधों की दृष्टि से संवेदनशील शहरों की फेहरिस्त में शामिल कोटद्वार शहर की सुरक्षा के साथ पुलिस बड़ा खिलवाड़ कर रही है. दरअसल, यूपी के बिजनौर जिले की सीमा से लगे कोटद्वार शहर में बिजनौर और उसके आस-पास के जिलों के कईं अपराधी शामिल रहते है.

जिसको देखते हुऐ कोटद्वार शहर की सीमा पर अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत होती है, लेकिन पुलिस महकमें की लापरवाही का आलम तो देखिए की सीमा पर बनी पुलिस चौकियों से अधिकतर पुलिसकर्मी ही दिनभर गायब रहते है.

एक नहीं दो नेशनल पार्क की सीमा पर स्थित कोटद्वार शहर में पिछले कुछ समय में बढ़े वन्य जीवों से संबंधित अपराधों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पौड़ी राजीव स्वरूप ने यूपी के बाड़ापुर से लगे पाखरौ में पुलिस चौकी खोल तो दी लेकिन इसके पुलिसकर्मी दिनभर गायब रहते है.

हालांकि पुलिस चौकी का अभी निर्माण नहीं हुआ है, लेकिन वन विभाग के एक कमरे में ही इनके बैठने की व्यवस्था की गई थी. लेकिन सुविधाओं के आभाव में पुलिसकर्मी अक्सर यहां से गायब ही रहते है. ऐसे ही हाल चिलरखाल पुलिस चौकी का है. जहां पर दिनभर बाहरी लोगों का आनाजान लगा रहता है. लेकिन देखने में आया है कि यहां पर भी पुलिसकर्मी अक्सर गायब ही रहते है.

क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हालांकि सतर्कता बढ़ाने की जरुर बात कर रहे हैं. लेकिन उनके अधीनस्थ उन्हें ही ठेंगा दिखा कर उनके आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे है.

Tags: Police, Uttarakhand news, क्राइम

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