शिवरात्रि पर गंदे पानी से करना पड़ा महादेव का जलाभिषेक, श्रद्धालु-संत नाराज़

किलकिलेश्वर मंदिर के महंत सुखदेव पुरी जीवीके कंपनी से बेहद नाराज़ दिखते हैं. वह कहते हैं कि सरकारों की ग़लती का फल भक्तों को झेलना पड़ रहा है. महंत कहते हैं कि भगवान भोलेनाथ इसका बदला खुद लेंगे.

ETV UP/Uttarakhand
Updated: February 13, 2018, 3:08 PM IST
शिवरात्रि पर गंदे पानी से करना पड़ा महादेव का जलाभिषेक, श्रद्धालु-संत नाराज़
किलकिलेश्वर मंदिर के महंत सुखदेव पुरी जीवीके कंपनी से बेहद नाराज़ दिखते हैं. वह कहते हैं कि सरकारों की ग़लती का फल भक्तों को झेलना पड़ रहा है. महंत कहते हैं कि भगवान भोलेनाथ इसका बदला खुद लेंगे.
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Updated: February 13, 2018, 3:08 PM IST
श्रीनगर गढ़वाल के निकट चौरास में शिवरात्रि के अवसर पर गंगाजल से भगवान शिव पर जलाभिषेक की श्रद्धालुओं की हसरत अधूरी रह गई. दरअसल पौराणिक किलकिलेश्वर महादेव मंदिर में पिछले वर्षों तक गंगा की मुख्य सहायक नदी अलकनन्दा के पानी से श्रद्धालु जलाभिषेक करते थे लेकिन नदी पर बांध बनने से नदी का प्रवाह रुक गया है.

मंदिर के निकट घाटों को छूकर बहती नदी के बांध निर्माण से सूखने और घाटों पर रुके गंदे पानी को देखकर श्रद्धालुओं को निराश होना पड़ा. हालांकि घाट पर मौजूद नल से पानी लाकर किसी तरह श्रद्धालुओं ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक तो किया लेकिन इससे भक्तों और संत समाज में आक्रोश देखने को मिला.

srinagar shiva temple
अलकनंदा नदी पर बांध बनने से श्रीनगर में नदी में पानी ही नहीं है.


किलकिलेश्वर मंदिर के महंत सुखदेव पुरी जीवीके कंपनी से बेहद नाराज़ दिखते हैं. वह कहते हैं कि सरकारों की ग़लती का फल भक्तों को झेलना पड़ रहा है. महंत कहते हैं कि भगवान भोलेनाथ इसका बदला खुद लेंगे.

शिवरात्रि पर महादेव का जलाभिषेक करने आए ललिता देवी और मनोज जोशी ने भी स्थिति पर  बेहद निराशा व्यक्त की और कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि महादेव को दूषित जल चढ़ाना पड़ रहा है.

(श्रीनगर से सुधीर भट्ट की रिपोर्ट)
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