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स्थायी कैंपस व सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलनरत NIT के छात्रों ने संस्थान छोड़ा

स्थायी कैंपस व सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलनरत NIT के छात्रों ने संस्थान छोड़ा

पौड़ी गढ़वाल- श्रीनगर स्थित एनआईटी के छात्रों ने हॉस्टल खाली कर दिए और अपने सामान के साथ प्रदर्शन किया.

पौड़ी गढ़वाल- श्रीनगर स्थित एनआईटी के छात्रों ने हॉस्टल खाली कर दिए और अपने सामान के साथ प्रदर्शन किया.

आंदोलनरत छात्रा-छात्राएं 3 अक्टूबर को सड़क दुर्घटना में घायल हुई दो छात्राओं के इलाज का खर्च सरकार द्वारा कराये जाने के साथ ही 9 वर्षों में भी शुरू नहीं हुए एनआईटी के स्थायी कैम्पस का निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की मांग कर रहे हैं.

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    राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के आंदोलनरत सैकड़ों छात्र-छात्राएं यहां की व्यवस्थाओं से खफा होकर संस्थान छोड़कर अपने घरों को चले गये. विद्यार्थियों ने स्थायी कैंपस और पुख्ता सुरक्षा इंतजाम होने पर ही वापस लौटने की घोषणा की है. छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और मानव संसाधन मंत्री के साथ ही उत्तराखंड के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भी मेल, फैक्स व अन्य माध्यमों से अपने फैसले की सूचना दी है.

    बता दें कि आंदोलनरत छात्रा-छात्राएं 3 अक्टूबर को सड़क दुर्घटना में घायल हुई दो छात्राओं के इलाज का खर्च सरकार द्वारा कराये जाने के साथ ही 9 वर्षों में भी शुरू नहीं हुए एनआईटी के स्थायी कैम्पस का निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की मांग कर रहे हैं. इसके लिए छात्रा-छात्राएं  कक्षाओं और दशहरे की छुट्टियों का बहिष्कार कर पिछले 20 दिनों से आंदोलन कर रहे थे. मगर उनकी किसी ने नहीं सुनी.

    बता दें कि उत्तराखंड के श्रीनगर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान अपने आप में बहुत बड़ा नाम है. यहां एडमिशन पाने के लिए छात्र-छात्राएं लालायित रहते हैं. लेकिन आज ऐसी नौबत आई है कि  संस्थान के सैकड़ों विद्यार्थियों ने एक साथ कॉलेज छोड़ दिया है.

    बता दें कि 3 अक्टूबर को बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पर एक बेकाबू कार ने एनआईटी की दो छात्राओं को टक्कर मार दी थी. इस घटना से आक्रोशित संस्थान के विद्यार्थी 4 अक्टूबर से कक्षाओं का बहिष्कार कर आंदोलन करने लगे. छात्र-छात्राएं सुविधाजनक अस्थायी कैंपस में शिफ्टिंग, स्थायी कैंपस का निर्माण और सुविधाओं की मांग कर रहे हैं.

    आंदोलन के 20 दिनों बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर मंगलवार को संस्थान के सैकड़ों छात्रों ने कॉलेज छोड़ दिया है. इनमें वे छात्र भी शामिल हैं जो छुट्टियों में घर गए हुए हैं. छात्रों ने हॉस्टल खाली कर दिए और अपने सामान के साथ प्रदर्शन किया. कैंपस हॉस्टलों में ताले लगा दिए गए हैं. इस संबंध में छात्रों ने ज्ञापन जारी किया है.

    वर्ष 2009 में स्वीकृत एनआईटी उत्तराखंड का अस्थायी कैंपस वर्तमान में श्रीनगर स्थित पॉलीटेक्निक के परिसंपत्ति में संचालित हो रहा है. बता दें कि स्थायी कैंपस के लिए श्रीनगर से 16 किलोमीटर दूर सुमाड़ी में भूमि चयनित की गई है. परंतु कई कारणों से अभी तक स्थायी कैंपस का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है.

    ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि पिछले 9 सालों में सरकारों ने संस्थान के भवन का निर्माण क्यों नहीं करवाया. सरकारों की लापरवाही का खामियाज अब छात्रों को उठाना पड़ रहा है. अगर हालत ऐसी ही रही तो आने वाले समय में उत्तराखंड के पहाड़ों में मौजूद अन्य संस्थानों की तस्वीर श्रीनगर के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जैसी ही हो जायेगी.

    (देहरादून से किशोर रावत की रिपोर्ट)

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    Tags: Uttarakhand news

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