तो क्या फ्लॉप हो गई है उत्तराखंड सरकार की ई-हेल्थ स्टूडियो योजना?

स्टूडियो शुरू होते ही गढ़वाल मंडल के उत्तरकाशी जिले के नौगांव, रूद्रप्रयाग जिले का अगस्त्यमुनि और कुमाऊं मंडल में अल्मोड़ा जिले का भिकियासैंण व नैनीताल जिले के ओखलकांडा स्थित चार सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इससे जोड़े गए थे. आपको बता दें कि ओखलकांडा और नौगांव के अस्पतालों से जुड़े क्षेत्रों के एक भी मरीन को इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है.

Sudhir Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: August 23, 2018, 5:20 PM IST
तो क्या फ्लॉप हो गई है उत्तराखंड सरकार की ई-हेल्थ स्टूडियो योजना?
उत्तराखंड में शुरू हुई टेलीमेडिसिन सुविधा फ्लॉप
Sudhir Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: August 23, 2018, 5:20 PM IST
उत्तराखंड में ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर मरीजों को तुरंत आवश्यक उपचार की सुविधा देने के उद्देश्य से राजकीय बेस चिकित्सालयों में स्थापित किए गये ई-हेल्थ सेंटर व टेलीमेडिसिन स्टूडियो सफेद हाथी साबित हो रहे हैं. 5 माह पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा उद्घाटन करने के बाद से अभी तक इस सुविधा से मात्र 52 मरीज ही लाभान्वित हुए हैं. ऐसे में इसके औचित्य पर सवाल खड़े हो गए हैं.

इस सुविधा से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को शहरों के अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, लेकिन पौड़ी गढ़वाली की बात करें तो यहां पांच माह में सिर्फ 52 मरीजों को ही इस सुविधा का लाभ मिल पाया है. स्टूडियो के नोडल अधिकारी इसके लिए लड़खड़ाती इंटरनेट सेवाओं को जिम्मेदार मानते हैं.

19 मार्च 2018 को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने टेलीमेडिसिन स्टूडियो का उद्घाटन इस उद्देश्य के साथ किया था कि इससे पीएचसी और सीएचसी में ही ग्रामीणों को बेहतर उपचार उपलब्ध हो सके. स्टूडियो शुरू होते ही गढ़वाल मंडल के उत्तरकाशी जिले के नौगांव, रूद्रप्रयाग जिले का अगस्त्यमुनि और कुमाऊं मंडल में अल्मोड़ा जिले का भिकियासैंण व नैनीताल जिले के ओखलकांडा स्थित चार सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इससे जोड़े गए थे. आपको बता दें कि ओखलकांडा और नौगांव के अस्पतालों से जुड़े क्षेत्रों के एक भी मरीन को इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है.

बीते पांच माह में भिकियासैंण और अगस्त्यमुनि अस्पतालों के मरीजों को टेलीमेडिसिन स्टूडियो के जरिए बेस अस्पतालों के विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श और उपचार मिल सका है. शुरूआती चरण में गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को ई-हेल्थ स्टूडियो से जोड़ा गया, जबकि इससे अन्य अस्पताल भी जुड़ने थे. आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में पीजीआई या एम्स जैसे अध्याधुनिक अस्पतालों में मौजूद विशेषज्ञों से भी परामर्श लेने की योजना इन स्टूडियों से शुरू करने की योजना थी, लेकिन पांच माह में 52 मरीजों को इसका फायदा मिलने से स्थितियों का अंदाजा लगाया जा सकता है.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर