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उत्तराखंड आपदा में लापता हुआ था यह शख्स, पौने दो साल बाद मिला

उत्तराखंड आपदा में लापता हुआ था यह शख्स, पौने दो साल बाद मिला

जून 2013 में केदारनाथ की आपदा में अपनों को खो चुके लोगों की जहां उनकी तलाश में आंखें पथरा गई हैं, वहीं अब विक्षिप्त अवस्था में सामने आ रहे लापता लोगों के मिलने से उनके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है।

जून 2013 में केदारनाथ की आपदा में अपनों को खो चुके लोगों की जहां उनकी तलाश में आंखें पथरा गई हैं, वहीं अब विक्षिप्त अवस्था में सामने आ रहे लापता लोगों के मिलने से उनके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है।

जून 2013 में केदारनाथ की आपदा में अपनों को खो चुके लोगों की जहां उनकी तलाश में आंखें पथरा गई हैं, वहीं अब विक्षिप्त अवस्था में सामने आ रहे लापता लोगों के मिलने से उनके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है।

जून 2013 में केदारनाथ की आपदा में अपनों को खो चुके लोगों की जहां उनकी तलाश में आंखें पथरा गई हैं, वहीं अब विक्षिप्त अवस्था में सामने आ रहे लापता लोगों के मिलने से उनके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है।

इन्हीं में से एक हैं आपदा में लापता हुए चमोली जिले के पोखरी तहसील स्थित सिमखोली निवासी 46 वर्षीय पुष्कर सिंह, जिन्हें इत्तेफाकन पौने दो वर्ष बाद 21 मार्च को अचानक अपना परिवार मिल गया। हालांकि, रूद्रप्रयाग के जवाड़ी बाईपास मार्ग पर मानसिक रूप से विक्षिप्त और घायल अवस्था में मिले पुष्कर सिंह को उनके परिजन श्रीनगर गढ़वाल स्थित बेस अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।

पुष्कर सिंह को हालांकि याद नहीं कि आपदा के दौरान उनके साथ क्या हुआ। बस दो चार टूटे-फूटे शब्दों को कहने के बाद वो चूप हो जाते हैं। परिजनों का कहना है कि मनोचिकित्सकों ने 3 वर्षों तक पुष्कर सिंह के इलाज के साथ पैर का आपरेशन कराने को भी कहा है।

पुष्कर सिंह आपदा में लापता होने से पहले दिल्ली स्थित एक फार्मा कंपनी में दवाइयों के ठेकेदार के रूप में कार्यरत थे। दूसरी तरफ भाजपा सरकार में दायित्व धारी रहे अजेंद्र अजय ने आपदा में लापता लोगों को ढूंढ पाने में राज्य सरकार को असफल बताया है।

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