गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय में चुनाव को लेकर आमने-सामने छात्र व प्रबंधन

विश्वविद्यालय के बिड़ला कैम्पस में छात्रसंघ चुनावों के हंगामे का मामला हाईकोर्ट और मंत्रालय तक पहुंच गया था. इस मामले लेकर किरकिरी होने के बाद ही विवि प्रबंधन ने छात्र परिषद के गठन का फैसला किया.

Sudhir Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: July 24, 2019, 3:56 PM IST
गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय में चुनाव को लेकर आमने-सामने छात्र व प्रबंधन
गढ़वाल केन्द्रीय विश्व विद्यालय में छात्रसंघ चुनावों को लेकर रार
Sudhir Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: July 24, 2019, 3:56 PM IST
श्रीनगर गढ़वाल के हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विवि में छात्रसंघ चुनाव को लेकर विवि प्रशासन और छात्र अब आमने-सामने आ गए हैं. गढ़वाल विवि प्रशासन छात्र संघ चुनाव की जगह छात्र परिषद के गठन की तैयारी कर रहा था. जिसकी जानकारी मिलते ही छात्र भड़क गए हैं. छात्रों का कहना है कि किसी भी कीमत पर छात्रसंघ चुनाव की परम्परा को खत्म नहीं होने दिया जाएगा. माना जा रहा है कि कुछ समय पूर्व विवि के बिड़ला कैम्पस में हुए छात्रसंघ चुनावों में फर्जी मतदान और छात्र संगठनों में मारपीट के मामले के बाद विवि प्रबंधन ने छात्र परिषद के गठन की कवायद शुरू की थी.

बिड़ला कैंपस हंगामे के बाद हुई थी किरकिरी
गढ़वाल का हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विवि पिछले कुछ समय से छात्रसंघ चुनावों को लेकर चर्चा में है. विवि के बिड़ला कैम्पस में हुए छात्रसंघ चुनावों में हंगामे के बाद छात्र संगठनों में जमकर मारपीट हुई थी. बाद में ये मामला हाईकोर्ट और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय तक भी पहुंचा था. इस मामले को लेकर विवि प्रबंधन की खासी किरकिरी हुई थी. इसी के चलते विवि प्रशासन केन्द्रीय विवि अधिनियम में स्टूडेंट इलेक्शन की जगह स्टूडेंट काउंसिल के प्रावधान की बात कर रहा है.

छात्रसंघ चुनाव को लेकर आमने-सामने छात्र व विवि प्रबंधन
छात्रसंघ चुनाव को लेकर आमने-सामने छात्र व विवि प्रबंधन


मंत्रालय के सुझाव पर निर्णय
विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल का कहना है कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने ऐक्ट के अनुरूप कार्य करने के लिए कहा था, जिसके बाद विवि कार्यपरिषद ने काउंसिल के गठन का फैसला किया है. उनका कहना है कि कार्यपरिषद के सदस्यों को छात्रों की मांग को भेजकर एक सप्ताह में निर्णय आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.

छात्र परिषद के गठन का विरोध
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दूसरी तरफ छात्रनेताओं का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव के बाद निर्वाचित छात्रसंघ पदाधिकारी छात्रों की समस्याओं को उठाकर उनके निराकरण के माध्यम से छात्रसेवा करते हैं, लिहाजा इसे समाप्त किये जाने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जायेगा.

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First published: July 24, 2019, 3:34 PM IST
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