उत्तराखंड सरकार के लिए सिरदर्द बना श्रीनगर मेडिकल कॉलेज!

भारत-चीन सीमा के सबसे निकट होने और युद्ध होने की स्थिति में सामरिक दृष्टी से महत्वपूर्ण मेडिकल कॉलेज श्रीनगर को लेने में सेना इसलिए दिलचस्पी ले रही है कि जंग के समय घायलों को यहां अपलिफ्ट कर भर्ती किया जा सकेगा. मुख्यमंत्री रावत जहां अपने पिछले दौरे में रक्षा मंत्रालय और सेना के साथ सहमति की बात कह चुके हैं

Sudhir Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: September 4, 2018, 10:10 AM IST
उत्तराखंड सरकार के लिए सिरदर्द बना श्रीनगर मेडिकल कॉलेज!
पौड़ी गढ़वाल स्थित श्रीनगर मेडिकल कॉलेज
Sudhir Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: September 4, 2018, 10:10 AM IST
उत्तराखंड सरकार के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना गढ़वाल के पर्वतीय क्षेत्रों का एकमात्र सरकारी श्रीनगर मेडिकल कॉलेज और उसका बेस अस्पताल राज्य सरकार और सेना की रस्साकस्सी में जनता के लिए आफत बन गया है. आलम यह है कि सेना और सरकार के बीच संचालन के सवाल के झूलते मेडिकल कॉलेज में बनी असमंजस की स्थिति के बीच असुरक्षित भविष्य को देखते हुए बड़ी संख्या में डॉक्टर कॉलेज का साथ छोड़ चुके हैं, तो इस सबकी मार क्षेत्र की जनता को भुगतनी पड़ रही है.

25 अप्रैल 2017 को श्रीनगर गढ़वाल के निगट बुघाणी में और फिर 25 मार्च को 2018 को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के राजकीय मेडिकल कॉलेज में ही इसे सेना को सौंपने की घोषणा के साथ जनता को आस बंधी थी, लेकिन अब मेडिकल कॉलेज के दिन बहुरेंगे और इलाज के लिए उन्हें मैदानी क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा. सेना के आला अधिकारियों के चार बार मेडिकल कॉलेज और बेस अस्पताल में निरीक्षण के बाद खुद सेनाध्यक्ष विपिन रावत और मुख्यमत्री ने संयुक्त दौरा कर कॉलेज का निरीक्षण किया, लेकिन डेढ़ सालों में भी बात घोषणा से आगे नहीं बढ़ सकी. ऐसी स्थिति में अपने भविष्य को सुरक्षित करने के चक्कर में परेशान डॉक्टर कॉलेज छोड़ते गए तो कर्मचारियों के साथ जनता भी परेशान है.

दरअसल, भारत-चीन सीमा के सबसे निकट होने और युद्ध होने की स्थिति में सामरिक दृष्टी से महत्वपूर्ण मेडिकल कॉलेज श्रीनगर को लेने में सेना इसलिए दिलचस्पी ले रही है कि जंग के समय घायलों को यहां अपलिफ्ट कर भर्ती किया जा सकेगा. बहरहाल, मुख्यमंत्री रावत जहां अपने पिछले दौरे में रक्षा मंत्रालय और सेना के साथ सहमति की बात कह चुके हैं, लेकिन अब भी मामला जहां का तहां है. महीं राज्य मंत्री और स्थानीय विधायक डॉ. धनसिंह रावत का कहना है कि सेना किन शर्तों पर कॉलेज लेगी यह अभी तय नहीं हुआ है.
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर