अपना शहर चुनें

States

गुड न्यूज़: कूड़े में फेंकी 15 हजार प्लास्टिक की बोतलों से बनाई 'वॉल ऑफ होप'

मसूरी में स्‍थानीय लोगों की तरफ से बनाई गई वॉल ऑप होप.
मसूरी में स्‍थानीय लोगों की तरफ से बनाई गई वॉल ऑप होप.

1500 फीट लंबी और 12 फीट चौड़ी इस दीवार को 'वॉल ऑफ होप' नाम दिया गया है और इस पर स्वच्छता का संदेश दिया गया है.

  • Share this:
उत्तराखंड के मसूरी में स्‍थानीय लोगों ने स्वच्छता का संदेश देने के लिए अनोखा तरीका खोजा. यहां पर्यटकों को कचरा न फैलाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक दीवार का निर्माण किया गया है. 1500 फीट लंबी और 12 फीट चौड़ी इस दीवार को 'वॉल ऑफ होप' नाम दिया गया है और इस पर स्वच्छता का संदेश दिया गया है.

इस दीवार की केवल यही खासियत नहीं कि इसे स्वच्छता का संदेश देने के लिए बनाया गया है. बल्कि इसे 15,000 पानी की खाली बोतलों से बनाया गया है जो लोगों ने सड़कों पर, पहाड़ों में कचरा समझकर फेंक दी थी. मसूरी के बंग्लो की कांडी गांव में बनी इस दीवार का ग्राम प्रधान रीना रांगल ने उद्घाटन किया. इस दीवार के लिए डिजाइन गोवा के संग्रहालय के फाउंडर सुबोध केरकर ने दिया है.

स्कूल और कॉलेजों के बच्चों ने किया निर्माण
इस दीवार को बनाने के लिए स्कूल और कॉलेजों से करीब 50 बच्चों ने योगदान दिया. इसके साथ ही आस-पास के गांवों के स्‍थानीय निवासियों ने भी इसमें सहयोग दिया. इस दीवार के निर्माण के लिए काम कर रहे हिल्दारी ग्रुप के प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद शुक्ला ने बताया कि सभी के सहयोग के चलते ही इस दीवार का निर्माण संभव हो सका है. हिल्दारी ग्रुप का सबसे बड़ा काम प्लास्टिक के कचरे के प्रति लोगों को जागरुक करना और वातावरण को ऐसे कचरे से बचाना है. शुक्ला ने बताया कि इस परियोजना में स्‍थानीय लोगों के साथ ही रेस्‍तरां के मालिकों और कचरा बीनने वालों ने भी काफी सहयोग किया.
गांव की खूबसूरती और बढ़ गई


बंग्लो की कांडी में रहने वाली सीमा सेमवाल के अनुसार यह दीवार काफी अच्छी लग रही है. इसके निर्माण के बाद गांव की खूबसूरती और भी ज्यादा बढ़ गई है. सभी लोगों को इससे सीखना चाहिए. इस दीवार के निर्माण के लिए स्‍थानीय लोगों ने बोतलें इकट्ठी कर उन्हें एक साइज में काटने के बाद केसरिया रंगों में रंगा. यह दीवार पर्यटकों को भी काफी पसंद आ रही है. इस दीवार के निर्माण में लगभग 2 महीने समय लगा.

ये भी पढ़ें: यदि संरक्षण नहीं किया तो 2030 तक पेयजल हो जाएगा समाप्त: रिपोर्ट
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज