लोकसभा 2019 को लेकर कांग्रेस-बीजेपी में बयानबाजी तेज

एक तरफ जहां लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी तमाम तरह की प्लानिंग में जुटी है, वहीं उत्तराखंड कांग्रेस में रार मची हुई है.

Vijay Vardhan | News18 Uttarakhand
Updated: August 25, 2018, 5:13 PM IST
लोकसभा 2019 को लेकर कांग्रेस-बीजेपी में बयानबाजी तेज
लोकसभा 2019 को लेकर कांग्रेस-बीजेपी में विरोधाभासी बयानबाजी तेज
Vijay Vardhan | News18 Uttarakhand
Updated: August 25, 2018, 5:13 PM IST
एक तरफ जहां लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी तमाम तरह की प्लानिंग में जुटी है, वहीं उत्तराखंड कांग्रेस में रार मची हुई है. आलम यह है कि अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ लोकसभा में कांग्रेस प्रीतम और हरीश रावत गुट में पूरी तरह से बंट गई है. बीते दिनों अल्मोड़ा जिलाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर उठी सियासी घमासान इस बात की तस्दीक कर रहा है कि उत्तराखंड कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं है.

अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ लोकसभा में 70 के दशक से कांग्रेस नेता हरीश रावत का दबदबा रहा है. तब से इस लोकसभा में सभी बड़े फैसले रावत की मर्जी के मुताबिक ही होते आए हैं, लेकिन बीते दिनों अल्मोड़ा जिलाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर जिस प्रकार सियासी घमासान मचा उससे कई सवाल खड़े होने लगे हैं.

रावत गुट के बेहद करीब पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल को पीसीसी चीफ प्रीतम सिंह द्वारा नियुक्त जिलाध्यक्ष मोहन सिंह माहरा को हटाकर ही चैन आया. ऐसे में ये कयास और तेज हो गए हैं कि आने वाले दिनों में कांग्रेस में आपसी रार और तेज होगी.

उत्तराखंड के पूर्व स्पीकर गोविन्द सिंह कुंजवाल का कहना है कि वर्तमान समय में बीजेपी के कारनामों के कारण जो परिस्थिति उत्पन्न हुई है, उससे कांग्रेस को बहुत फायदा होगा. इस दौरान जो भी कांग्रेस प्रत्याशी घोषित होगा वो चुनाव जरूर जीतेगा.

वहीं राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि बीते लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने सूबे की सभी पांच सीट गंवा दी थीं. पार्टी नेता ये उम्मीद लगाए बैठे हैं कि कम से कम सूबे में इस बार कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो जाए.

बहरहाल, ठीक लोकसभा की रणभेरी बजने से पहले पार्टी की गुटबाजी जिस कदर बेपर्दा हुई है उससे कई सवालों का जन्म होना लाजमी है. जिलाध्यक्ष पद को लेकर थमे बवाल के बाद भले ही कांग्रेस नेता सब कुछ ठीक होने का दंभ भर रहे हो, लेकिन आए दिन शीर्ष नेताओं के विरोधाभासी बयान ये साफ जाहिर कर रहे हैं कि अभी और तूफान आना शेष हैं.

 
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