होम /न्यूज /उत्तराखंड /

पिथौरागढ़ के ऐतिहासिक देव सिंह मैदान में आज भी बरकरार है फुटबॉल का क्रेज, 21 गांवों के बीच महामुकाबला

पिथौरागढ़ के ऐतिहासिक देव सिंह मैदान में आज भी बरकरार है फुटबॉल का क्रेज, 21 गांवों के बीच महामुकाबला

इस टूर्नामेंट में इस बार 21 गांवों की टीमों ने हिस्सा लिया है, जिसमें आठ टीमें अब बची हैं, जिनका लीग मैच के बाद सेमीफाइनल होगा. इसमें प्रथम पुरस्कार 21000 रुपये और द्वितीय पुरस्कार 11000 रुपये रखा गया है.

    हिमांशु जोशी

    पिथौरागढ़. उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ से आने वाले कई खिलाड़ियों ने खेल जगत में अपना नाम कमाया है और जिले और प्रदेश का नाम भी रोशन किया है. ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाएं यहां अपना लोहा मनवाने में सफल हुई हैं. इन्हीं प्रतिभाओं को तराशने के लिए यहां समय-समय पर विभिन्न खेलों के आयोजन होते हैं, जिसमें सबसे ज्यादा लोकप्रियता फुटबॉल मैच को लेकर देखने को मिलती है. इसकी वजह है पिथौरागढ़ के बीचोंबीच स्थित देव सिंह फील्ड (Dev Singh Field Pithoragarh) जो विशेष तौर पर फुटबॉल के लिए ही बना है.

    इस मैदान पर खेलकर कई खिलाड़ी अपना नाम बना चुके हैं. ग्रामीण प्रतिभाओं को तराशने और जनता के मनोरंजन के उद्देश्य से हर साल यहां खीम सिंह सौन चेयरमैन कप (फुटबॉल टूर्नामेंट) का आयोजन किया जाता है, जिसमें पिथौरागढ़ जिले के अलग-अलग गांवों की टीमें प्रतिभाग करती हैं. अपने गांव की टीमों को सपोर्ट करने के लिए ये मैदान दर्शकों से भरा रहता है. जिला फुटबॉल संघ के सदस्य और कोच भूपेन्द्र चौहान ने टूर्नामेंट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता युवाओं को इस खेल में आगे बढ़ाने का एक माध्यम है. इस मैदान से कई बेहतर खिलाड़ी निकले हैं.

    खीम सिंह सौन पिथौरागढ़ जिले के पहले चेयरमैन थे, जिनके नाम पर यह प्रतियोगिता आयोजित होती है. देश में जिस तरह IPL में अलग-अलग राज्यों के बीच मुकाबला होता है, ठीक उसी जोश और उत्साह के साथ सीमांत जिले पिथौरागढ़ के अलग-अलग गांवों के बीच फुटबॉल का मैच दर्शकों को रोमांच से भर देता है और जो गांव यह टूर्नामेंट जीतता है, उसका बोलबाला पूरे साल तक रहता है.

    यह टूर्नामेंट एक जरिया है, जहां पर ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को एक मौका मिलता है अपने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए जनता के दिलों में अपनी जगह बनाने का और आगे बढ़ने का. मैच देखने आए व्यापार मंडल के अध्यक्ष तपन रावत ने ऐसे आयोजनों से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलने की बात कही है. उन्होंने कहा कि इस तरह के मौके युवाओं को आगे बढ़ने के लिए उत्साहित करते हैं.

    इस टूर्नामेंट में इस बार 21 गांवों की टीमों ने हिस्सा लिया है, जिसमें आठ टीमें अब बची हैं, जिनका लीग मैच के बाद सेमीफाइनल होगा. इसमें प्रथम पुरस्कार 21000 रुपये और द्वितीय पुरस्कार 11000 रुपये रखा गया है.

    Tags: Pithoragarh news

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर