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भारत ने दिखाया बड़ा दिल... 2 महीने से फंसे नेपालियों के माइग्रेशन के लिए खोला झूला पुल
Pithoragarh News in Hindi

Vijay Vardhan | News18 Uttarakhand
Updated: May 21, 2020, 5:31 PM IST
भारत ने दिखाया बड़ा दिल... 2 महीने से फंसे नेपालियों के माइग्रेशन के लिए खोला झूला पुल
नेपाल और भारतीय प्रशासन की मौजूदगी में झूला पुल को खोलकर करीब 200 नेपाली नागरिक अपने जानवरों के साथ भारत के धारचूला में दाखिल हुए.

नेपाली प्रशासन ने फिर चिढ़ाने वाली हरकत की और अपने नागरिकों को भेजने के बाद अपनी ओर से पुल बंद कर दिया.

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पिथौरागढ़. लिपुलेख सड़क निर्माण के बाद भले ही नेपाल लगातार भारत के साथ अपने रिश्तों को खराब करने वाली हरकतें कर रहा हो लेकिन भारत अभी भी आम नेपाली नागरिकों के साथ खड़ा नजर आ रहा है. नेपाल के उच्च हिमालयी इलाकों के तिंकर और छांगरु गांव के लोग बीते दो महीने से अपने ही मुल्क के निचले इलाकों में फंसे थे क्योंकि इनके जाने का रास्ता भारत की सीमा से होकर गुज़रता है. लॉकडाउन के बावजूद भारत ने नेपाली  प्रशासन की अपील पर धारचूला के इंटरनेशनल झूला पुल को खोल नेपालियों को रास्ता दिया है.

भारत पर निर्भर 

नेपाल और भारतीय प्रशासन की मौजूदगी में झूला पुल को खोलकर करीब 200 नेपाली नागरिक अपने जानवरों के साथ भारत के धारचूला में दाखिल हुए. ये नेपाली नागरिक सीता पुल तक भारतीय क्षेत्र में पैदल चलकर फिर नेपाल में प्रवेश करेंगे.



असल में भोटिया समुदाय के तिंकर और छांगरु गाँव के लोग हर साल सर्दियों में निचले इलाकों में आते हैं और 6 महीने गुजारने के बाद गर्मियों में ऊपरी इलाकों को लौटते हैं. लेकिन इस माइग्रेशन के लिए ये आज भी भारत के ही रास्तों पर निर्भर हैं.



इस बार लॉकडाउन के कारण ये नेपाल के दार्चुला से भारत के धारचूला नहीं पहुंच पा रहे थे. बीते दिनों नेपाल प्रशासन ने एक पत्र के जरिये भारत से इंटरनेशनल झूला पुल खोलने की गुजारिश की थी. नेपाल की इस गुजारिश को भारतीय गृह मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद माइग्रेट करने वाले नेपालियों की राह खुली.

नहीं सुधरा नेपाल 

इंटरनेशनल पुल खुलने से उन 30 भारतीय परिवारों की भी स्वदेश वापसी हुई है, जो लॉकडाउन बाद से नेपाल में फंसे थे. यही नहीं भारत में फंसे 150 से अधिक नेपाली नागरिकों को भी उनके मुल्क भेजा गया. लेकिन इस दौरान भी नेपाली प्रशासन ने फिर चिढ़ाने वाली हरकत कर दी. अपने नागरिकों को भेजने के बाद नेपाल अपनी ओर से पुल बंद दिया.

इस पर स्थानीय विधायक हरीश धामी ने भारी नाराज़गी जताई. विधायक के उग्र तेवर को देखते हुए आखिरकार 2 घंटे बाद पुल खोला गया और भारतीय नागरिकों को भी लौटने दिया गया. विधायक हरीश धामी का कहना है कि नेपाल ने ही भारत से पुल खोलने की गुजारिश की थी और पुल खुलने पर नेपाली अधिकारियों ने बार-बार ड्रामा किया.

एसडीएम धारचूला अनिल शुक्ला ने बताया कि, नेपाल से लौटे सभी लोगों की स्क्रीनिंग की गई है. इंटरनेशनल पुल को खोलते वक़्त एसएसबी के साथ उत्तराखंड पुलिस भी मौजूद थी.

 

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First published: May 21, 2020, 5:29 PM IST
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