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Indo-Nepal Border: नेपाल जिस इलाके को अपना कहता है, वहीं भारत के साथ हुई मीटिंग, इन मुद्दों पर सहमति

Indo-Nepal Border: नेपाल जिस इलाके को अपना कहता है, वहीं भारत के साथ हुई मीटिंग, इन मुद्दों पर सहमति

भारत नेपाल के बीच उत्तराखंड​ स्थित बॉर्डर पर अहम बैठक हुई.

भारत नेपाल के बीच उत्तराखंड​ स्थित बॉर्डर पर अहम बैठक हुई.

India-Nepal Meeting : नेपाल के साथ भारत का सीमा विवाद (Border Dispute) सिर्फ उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में हैं. इस ज़िले के तीन गांवों के साथ ही नेपाल कालापानी को लेकर भी लगातार दावे करता है. ऐसे में इस ज़िले में दोनों देशों के अधिकारियों की एक बैठक को अहम माना जा रहा है. इस बैठक के बाद कुछ आपसी मामलों पर सहमति बनी तो यह भी तय हुआ कि आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर नेपाल भी बॉर्डर पर सतर्क रहेगा. यह मीटिंग कितनी अहम रही, जानिए.

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पिथौरागढ़. इंडो-नेपाल कॉर्डिनेशन कमेटी की एक मीटिंग में दोनों देशों के अधिकारियों ने कई मुद्दों पर एक राय बनाई. निर्माण या मरम्मत के काम और अपराध पर लगाम लगाने के लिए दोनों देशों के बीच सहमति बनी. इसके अलावा, उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के दौरान नेपाल बॉर्डर पर अतिरिक्त अलर्ट की गुजारिश भी भारतीय अफसरों ने की. कुल मिलाकर दोनों ही देशों ने सहयोग की दिशा में कदम बढ़ाए.

पिथौरागढ़ के डीएम आशीष चौहान ने बताया कि मीटिंग काफी कारगर साबित हुई. ‘ऐसे कई मुद्दों को सुलझाने में दोनों देशों के अधिकारी समहत हुए, जो लम्बे समय से लटके पड़े थे. साथ ही मीटिंग में आपसी रिश्तों को बेहतर करने और सहयोग से काम करने पर ज़ोर दिए जाने की बात भी चौहान ने कही. वहीं, नेपाल के दार्चुला ज़िले के मुख्य जिलाधिकारी सिद्धराज जोशी ने कहा कि दोनों देशों की सांस्कृतिक विरासत भी एक है और उत्तराखंड में भारत-नेपाल बॉर्डर पर बसे लोगों की ज़रूरतें भी समान हैं. ऐसे में ज़रूरी है कि दोनों मुल्क आपसदारी के साथ बढ़ें.

किन मुद्दों पर बनी सहमति?

1. इंटरनेशनल बॉर्डर पर तस्करी रोकने के लिए दोनों देशों ने साझा प्लान पर काम करने पर ज़ोर दिया.
2. दोनों मुल्कों को जोड़ने वाले 1 मोटर और 2 झूला पुलों का निर्माण तेज़ी से करने का फैसला हुआ.
3. दोनों मुल्कों को बांटने वाली काली नदी में गिरे भारी बोल्डर्स को हटाने पर भी भारत और नेपाल के अधिकारी सहमत नज़र आए.
4. दोनों मुल्कों के बीच आम नागरिकों की आवाजाही को आसान बनाने का भी फैसला किया गया.

कालापानी और लिम्पियाधुरा में हुई अहम मीटिंग

नेपाल ने बीते साल भारत के गुंजी, नाभी और कूटी को अपने राजनीतिक नक्शे में दर्शाया था. नेपाल लगातार ये दावा कर रहा है कि इन तीनों गांवों की 425 वर्ग किलोमीटर ज़मीन उसकी है. ये तीनों पिथौरागढ़ ज़िले की धारचूला तहसील के हिस्से हैं. यही नहीं, कालापानी भी इसी इलाके में है, जिसको लेकर नेपाल आएदिन विवाद खड़ा करता रहता है. नेपाल के पूर्व पीएम केपी ओली ने बीते दिनों फिर कहा कि अगर उनकी सरकार फिर से बनी, तो वो भारत के इन तीनों गांवों को नेपाल में शामिल करवाएंगे.

Tags: India nepal, India-Nepal Border, Nepal Border, Uttarakhand news

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