Pithoragarh News: नेपाल को जोड़ने वाले इंटरनेशनल पुल खुले, गृह मंत्रालय ने दी इजाजत

उत्तराखंड में सीतापुल से बनबसा तक 8 रास्ते ऐसे हैं जो दोनों मुल्कों को जोड़ते हैं....

उत्तराखंड में सीतापुल से बनबसा तक 8 रास्ते ऐसे हैं जो दोनों मुल्कों को जोड़ते हैं....

Pithoragarh News: नेपाल सरकार ने कुछ दिन पहले ही इंटरनेशनल पुलों को खोलने पर परमिशन दे दी थी लेकिन भारत को ओर से कोई फैसला नहीं हुआ था. आखिरकार गृह मंत्रालय ने इस बारे में फैसला ले लिया है. उत्तराखंड में सीतापुल से बनबसा तक 8 रास्ते ऐसे हैं जो दोनों मुल्कों को जोड़ते हैं.

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पिथौरागढ़. लॉकडाउन के बाद से बंद नेपाल को जोड़ने वाले सभी इंटरनेशनल पुल खुल गए हैं. भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने पुलों को खोलने की इजाजत दे दी है. इंटरनेशनल पुल बीते साल 22 मार्च से लॉकडाउन के दौरान से ही बंद थे. उत्तराखंड में नेपाल से 275 किलोमीटर की सीमा लगी है. बॉर्डर खुलने से इन इलाकों में बसे लोगों को खासी राहत मिली है.

नेपाल सरकार ने कुछ दिन पहले ही इंटरनेशनल पुलों को खोलने पर परमिशन दे दी थी लेकिन भारत को ओर से कोई फैसला नहीं हुआ था. आखिरकार गृह मंत्रालय ने इस बारे में फैसला ले लिया है. पिथौरागढ़ डीएम विजय जोगदांडे ने बताया कि एसएसबी और स्थानीय प्रशासन को फैसले की जानकारी दे दी गई है. साथ ही कोविड की एसओपी के पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

उत्तराखंड में सीतापुल से बनबसा तक 8 रास्ते ऐसे हैं जो दोनों मुल्कों को जोड़ते हैं लेकिन कोरोना काल में इन रास्तों के बंद होने से सीमांतवासियों को लोगों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ी थी. इन इलाकों में दोनों मुल्कों के बीच सदियों से रोटी-बेटी के रिश्ते कामय हैं. ऐसे में रास्ते बंद होने से जहां बॉर्डर इलाकों का व्यापार पूरी तरह बंद रहा, वहीं सामाजिक ताना-बाना भी प्रभावित हुआ है.

व्यापारिक मंडी झूलाघाट के कारोबारी प्रयाद दत्त पगंरिया ने इंटरनेशनल पुलों को खुलने पर खुशी जाहिर करते हुए उम्मीद जताई कि बॉर्डर इलाकों में रौनक लौटेगी. साथ ही पंगरिया कहते हैं कि लॉकडाउन के बाद सबसे बुरे हाल बॉर्डर के कारोबारियों के रहे हैं. बॉर्डर खुलने से व्यापारिक गतिविधियां पहले की तरह
संचालित हो सकेंगी. इन इलाकों में दोनों मुल्कों का कारोबार एक-दूसरे पर निर्भर है.
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