जानिए क्या खास होगा 50 करोड़ से बनने वाले एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन में...

वन महकमा एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गॉर्डन का प्लान कुछ इस तरह तैयार कर रहा है ताकि यहां साल भर पर्यटक मौजूद रहें.

Vijay Vardhan | News18 Uttarakhand
Updated: June 27, 2019, 1:12 PM IST
जानिए क्या खास होगा 50 करोड़ से बनने वाले एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन में...
पिथौरागढ़ में 50 हेक्टेयर भूमि पर बनेगा एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन
Vijay Vardhan | News18 Uttarakhand
Updated: June 27, 2019, 1:12 PM IST
प्रकृति के सौन्दर्य से लवरेज चंडाक हर किसी को अपनी ओर खींचता है. लेकिन अब इसकी सुंदरता पर चार चांद लगने जा रहा है. सरकार यहां एक ऐसा ट्यूलिप गार्डन बनाने जा रही है, जो देश तो क्या इस वक्त पूरे एशिया में नहीं है. ट्यूलिप गार्डन के लिए 50 करोड़ की भारी-भरकम धनराशि खर्च होनी है. अब तक जो प्लान वन विभाग ने तैयार किया है, उसके मुताबिक यहां ट्यूलिप की सभी प्रजातियों के पौधे लगने हैं. इस बारे में पिथौरागढ़ में डीएफओ विनय भार्गव ने कहा कि कश्मीर का ट्यूलिप गार्डन एक हेक्टेयर से भी कम क्षेत्रफल में है. इसके विपरीत यहां 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में ट्यूलिप गार्डन बनाने का काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यहां ट्यूलिप के साथ-साथ स्थानीय प्रजाति के फूलों पर भी फोकस होगा. साथ ही यहां पर्यटकों के रहने की सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं.

पूरे साल आएंगे पर्यटक
बता दें कि वन महकमा एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गॉर्डन का प्लान कुछ इस तरह तैयार कर रहा है ताकि यहां साल भर पर्यटक मौजूद रहें. प्लान के मुताबिक ट्यूलिप गॉर्डन के भीतर ही गेस्ट हाउस, कैफेटरिया, ईको और वाटर पार्क भी बनने हैं. सरकार ने चंडाक को पहले ही थर्टीन डिस्ट्रिक्ट थर्टीन डेस्टिनेशन में शामिल किया है. इस योजना में शामिल होने के कारण यहां पर्यटन विकास के लिए 5 करोड़ की धनराशि दे दी गई है. सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत भी पूर्व मंत्री स्व. प्रकाश पंत के ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं.

बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

डीएफओ विनय भार्गव ने कहा कि फिलहाल डीपीआर बनाने का काम चल रहा है. यहां इस उद्देश्य से काम किया जा रहा है ताकि स्थानीय स्तर पर आजीविका के स्रोत विकसित किए जा सकें. उन्होंने कहा कि ऐसा करने से पलायन रुकेगा. ट्यूलिप गार्डन का सपना अगर साकार होता है तो ये मिनी कश्मीर कहे जाने वाले पिथौरागढ़ के लिए कई मायनों में खास होगा. इससे जहां पर्यटन कारोबार परवान चढ़ेगा, वहीं रोजगार के अवसर पैदा होने से पलायन भी रुकेगा. अब देखना ये है कि एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन कितना जल्दी बनकर तैयार होता है.

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First published: June 27, 2019, 1:12 PM IST
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