एक खौफ और कैद में कई गांव! महिलाओं की सुरक्षा में तैनात रहते हैं पुरुष

घास काटती महिलाओं को सुरक्षा देते पुरुष और वन विभाग कर्मी
घास काटती महिलाओं को सुरक्षा देते पुरुष और वन विभाग कर्मी

पिथौरागढ़ में महिलाएं गुलदार के आतंक से खौफजदा हैं. घास काटने के दौरान अक्सर गुलदार महिलाओं पर हमला कर देता है. लिहाजा महिलाओं को सुरक्षा (Security) दी जा रही है.

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पिथौरागढ़. उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में गांवों में आदमखोर गुलदार का खौफ व्याप्त है. हालात ये है कि महिलाएं कड़ी सुरक्षा के बीच जंगलों में घास काटने जाते हैं. महिलाओं की सुरक्षा में वन विभाग (Forest Department) के साथ-साथ गांव के पुरुष भी तैनात रहते हैं. दरअसल पहाड़ों पर इनदिनों घास काटने का सीजन पीक पर है. लेकिन पिथौरागढ़ में महिलाएं गुलदार के आतंक से खौफजदा हैं. घास काटने के दौरान अक्सर गुलदार महिलाओं पर हमला कर देता है. ऐसे में घास काटने जाने वाली महिलाओं को सुरक्षा दी जा रही है.

महिलाओं को सुरक्षा देने में वन विभाग के साथ-साथ गांव के पुरुषों भी तैनात रहते हैं. हालात इस कदर भयावह है कि जबतक महिलाएं घास काट रही होती हैं सुरक्षा में तैनात लोग चारों ओर निगाहें जमाए खड़े रहते हैं. पिथौरागढ़ के करीब दर्जनभर गांवों में गुलदार का आतंक बना हुआ है.

वन विभाग के रेंजर दिनेश जोशी ने बताया कि जिन इलाकों में गुलदार का आतंक है, वहां विभाग ने सुरक्षा कर्मी तैनात किए हैं. खासकर खास काटते समय महिलाओं को सुरक्षा दी जा रही है.



रेंजर ने बताया कि गुलदार झुके हुए इंसान को आसानी से शिकार बना लेता है. पिथौरागढ़ में आदमखोर गुलदार ने अबतक 3 लोगों को अपना निवाला बना लिया है. यही नहीं घास काटने और खेतों में काम के दौरान आधा दर्जन से अधिक लोगों को घायल भी कर चुका है. यही वजह है कि हजारों की आबादी इनदिनों हर पल गुलदार के खौफ में जी रही है.
बड़ौली गांव की प्रीति भट्ट का कहना है कि गुलदार के खौफ के चलते गांववाले अपने जरूरी काम भी नहीं निपटा पा रहे हैं. प्रीति के परिजन योगेश भट्ट का कहना है कि घास काटने के दौरान गांव के पुरुष महिलाओं को सुरक्षा देते हैं. ताकि गुलदार उनपर हमला नहीं कर सके.
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