India-Nepal Dispute: तनाव के बीच नेपाली थल सेनाध्यक्ष ने किया कालापानी से सटे इलाकों का दौरा, जानें पूरा मामला
Pithoragarh News in Hindi

India-Nepal Dispute: तनाव के बीच नेपाली थल सेनाध्यक्ष ने किया कालापानी से सटे इलाकों का दौरा, जानें पूरा मामला
नेपाल आर्मी चीफ पूर्णचंद्र थापा विवादित कालापानी एरिया का दौरा किया

कालापानी को लेकर भारत और नेपाल (India-Nepal) के बीच विवाद तीन दशक पुराना है, लेकिन नेपाल के नए राजनीतिक नक्शे के बाद सीमा विवाद पूरी तरह गर्माया है.

  • Share this:
पिथौरागढ़. नेपाल के नए नक्शे को लेकर चल रहे विवाद के बीच नेपाली आर्मी चीफ ने विवादित कालापानी इलाके (Disputed Kalapani Area) का दौरा किया. कालापानी को लेकर भारत और नेपाल (India-Nepal) के बीच  विवाद तीन दशक पुराना है, लेकिन नेपाल के नए राजनीतिक नक्शे के बाद सीमा विवाद पूरी तरह गर्माया है. इस समय जारी सीमा विवाद के बीच नेपाल आर्मी चीफ पूर्णचंद्र थापा (Nepal Army Chief Purnachandra Thapa) विवादित कालापानी एरिया का दौरा किया है. जबकि उनके साथ नेपाल सशस्त्र प्रहरी बल के प्रमुख शैलेंद्र खनाल भी थे. आपको बता दें कि नेपाल सशस्त्र प्रहरी बल ही बॉर्डर सिक्योरिटी का जिम्मा देखता है.

नेपाल आर्मी बना रही है सड़क
नेपाल आर्मी चीफ सुबह छांगरू एरिया गए. यह कालापानी से 13 किलोमीटर पूर्व की तरफ है. नेपाल सशस्त्र प्रहरी बल ने यहां पर 13 मई को चैक पोस्ट स्थापित की थी. सूत्रों के मुताबित नेपाल आर्मी चीफ ने उस सड़क का भी निरीक्षण किया जो नेपाल के दार्चुला जिले को ब्यास गांव से जोड़ती है. नेपाल का दार्चूला एरिया पिथौरागढ़ के धारचूला के ठीक सामने है. इस सड़क को नेपाल आर्मी बना रही है. जबकि यह नेपाल आर्मी चीफ का इस इलाके में पहला दौरा है.


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया था लिपुलेख सड़क का उद्घाटन


यह दौरा इसलिए भी अहम माना जा रहा है कि क्योंकि कुछ दिन पहले ही नेपाल ने अपने नए नक्शे को मंजूरी दी है, जिसमें कालापानी के साथ पिथौरागढ़ के लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को भी नेपाल का हिस्सा दिखाया गया है. 12 हजार फीट ऊंचाई पर मौजूद कालापानी को भारत काली नदी का उद्गम मानता है. जबकि नेपाल का मानना है कि काली नदी का उद्गम लिम्पयाधुरा से निकलने वाली कूटी-यांग्ती नदी है. नेपाल ने 1990 से ही कालापानी पर अपना दावा जताना शुरू कर दिया था. वहीं, 8 मई को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चीन सीमा को जोड़ने वाली लिपुलेख सड़क का उद्घाटन किया था. यह सड़क बीआरओ ने बनाई है. इसके बनने के साथ ही पहली बार चीन बॉर्डर के करीब तक गाड़ियां जाने का रास्ता बना है. लिपुलेख सड़क के उद्घाटन के बाद से ही नेपाल ने इस पर आपत्ति जतानी शुरू कर दी थी.

ये भी पढ़ें 

बासी खाना और गंदगी देख क्वारंटाइन सेंटर से भागे बुजुर्ग, बीच बाजार चला ड्रामा
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading