बिजली विभाग की लापरवाही से 13 साल के साहिल के कटे दोनों हाथ, अब हॉस्पिटल ने कही ये बात

Pithoragarh News-विभिन्न संगठनों द्वारा लगातार मांग करने पर भी अब तक साहिल के परिजनों को सरकारी मुआवजा नहीं मिला है.

Vijay Vardhan | News18 Uttarakhand
Updated: August 12, 2019, 7:26 PM IST
बिजली विभाग की लापरवाही से 13 साल के साहिल के कटे दोनों हाथ, अब हॉस्पिटल ने कही ये बात
मौत से जूझ रहे साहिल को नहीं मिल रहा सही इलाज.
Vijay Vardhan | News18 Uttarakhand
Updated: August 12, 2019, 7:26 PM IST
पिथौरागढ़ के ख्वातड़ी गांव के साहिल पर जहां गरीबी के साथ ही सरकारी तंत्र की उपेक्षा भारी पड़ रही है. महीने भर पहले गांव में ही साहिल को बिजली विभाग की लाइन से करंट लग गया था. उसे गंभीर हालत में दिल्ली के राममनोहर लोहिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसके दोनों हाथ काटने पड़े थे. कुछ समय तक इलाज के बाद साहिल को परिजन वापस पिथौरागढ़ ले आए, लेकिन अब दिक्कत ये है कि जिला अस्पताल ने इलाज करने से हाथ खड़े कर दिए हैं.

साहिल के पिता अशोक कुमार का कहना है कि उनके पास इतने पैसे नही हैं कि वे लम्बे समय तक दिल्ली में रहकर इलाज करवा सकें. इसीलिए ऑपरेशन के बाद साहिल को पिथौरागढ़ जिला चिकित्सालय भर्ती कराया गया था, लेकिन अब जिला अस्पताल इलाज से इंकार कर रहा है.

सीनियर सर्जन डॉ. हरीश पंत का कहना है कि अस्पताल में इलाज के सीमित संसाधन हैं, साथ ही साहिल को इंफेक्शन का खतरा लगातार बना हुआ है. ऐसे में उसे बेहतर इलाज की जरूरत है, जो हायर सेंटर में सम्भव है.

सामाजिक संगठनों की पहल के बाद नहीं मिला मुआवजा

विभिन्न संगठनों द्वारा लगातार मांग करने पर भी अब तक साहिल के परिजनों को सरकारी मुआवजा नहीं मिला है. हालांकि बिजली विभाग के कर्मचारियों ने जरूर अपने स्तर पर चंदा जुटाकर 50 हजार की मदद पीड़ित परिवार को दी है. जबकि सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश कुमार का कहना है कि साहिल को लेकर प्रशासन की लापरवाही असंवेदनशीलता को दर्शा रही है. साथ ही उन्होनें चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही साहिल को जरूरी उपचार नहीं मिला और बिजली विभाग ने उचित मुआवजा नहीं दिया तो फिर से उग्र आंदोलन किया जाएगा.

साहिल की दादी ने उठाया ये कदम
13 साल के साहिल को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बीते माह कई संगठनों के साथ उसकी दादी ने डीएम ऑफिस में आरमण अनशन शुरू किया था. उस वक्त प्रशासन ने मुआवजा और उचित इलाज का भरोसा दिलाकर अनशन खत्म करवाया था, लेकिन एक महीने गुजरने पर भी हालात ज्यों के त्यों हैं.
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First published: August 12, 2019, 6:42 PM IST
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