पिथौरागढ़: आदमखोर गुलदार ने मां को उतारा मौत के घाट, अब बच्चे दर-दर के खा रहे ठोकरे

सीमा देवी की 2 बेटियां और 2 बेटे हैं. बड़ी बेटी सुषमा ने फर्स्ट डिवीजन से बीएससी पास की है. (सांकेतिक फोटो)

सीमा देवी की 2 बेटियां और 2 बेटे हैं. बड़ी बेटी सुषमा ने फर्स्ट डिवीजन से बीएससी पास की है. (सांकेतिक फोटो)

मृतका सीमा देवी (Seema Devi) की बड़ी बेटी सुषमा बताती हैं कि उसका सबसे छोटा भाई 8 साल का है, जो मां के गुजरने के बाद रात-दिन रोता है.

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पिथौरागढ़. पहाड़ों में आदमखोर गुलदार लोगों की जान ही नहीं ले रहा है, बल्कि खुशहाल परिवारों को तबाह भी कर रहा है. 25 फरवरी को पिथौरागढ़ (Pithoragarh) के आंगर में आदमखोर गुलदार (Man-Eating Guldar) ने सीमा देवी को मौत के घाट उतारा था. अब सीमा के 4 मासूम बच्चों की जिंदगी बर्बाद हो गई. सीमा देवी खेती-बाड़ी करके अपने चारों बच्चों को पाल ही नहीं रही थी, बल्कि उन्हें पढ़ा भी रही थी. लेकिन एक झटके में इन बच्चों से सबकुछ छिन गया. बच्चों के पिता बीते 12 साल से लापता हैं. ऐसे में मां का साया उठने के बाद ये पूरी तरह अनाथ हो गए हैं. मृतका सीमा देवी (Seema Devi) की बड़ी बेटी सुषमा बताती हैं कि उसका सबसे छोटा भाई 8 साल का है, जो मां के गुजरने के बाद रात-दिन रोता है. यही नहीं चारों बच्चों को कुछ समझ नहीं आ रहा है कि वो क्या करें.

सीमा देवी की 2 बेटियां और 2 बेटे हैं. बड़ी बेटी सुषमा ने फर्स्ट डिवीजन से बीएससी पास की है. यही नहीं बाकी बच्चे भी पढ़ाई में होशियार हैं. लेकिन सीमा की मौत के बाद न तो इनके पास पढ़ाई जारी रखने के साधन बचे हैं और नहीं अपना पेट पालने का कोई जरिया है.  30 किलोमीटर का सफर तय कर ये बच्चे जिला पंचायत ऑफिस में मदद के लिए पहुंचे थे. बच्चों का दर्द जब पंचायत की अध्यक्ष से देखा नहीं गया तो वे इन्हें लेकर डीएम दरबार में पहुंच गईं.

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कैसे इनकी पढ़ाई को बदस्तूर जारी रखता है?
जिला पंचायत की अध्यक्ष  दीपिका बोरा का कहना है कि वे अनाथ हो चुके बच्चों की मदद करना चाहती हैं. लेकिन इतने छोटे बच्चों का संरक्षण कैसा किया जाए ये समझ नहीं आ रहा है. वहीं, डीएम विजय जोगदांडे का कहना है कि बीएससी पास कर चुकी बच्ची को वो नौकरी देने की कोशिश करेंगे. पिता के लापता होने और मां की मौत बाद इनका कोई नहीं है. ऐसे में इन्हें मदद की पूरी दरकार है. अब देखना ये है कि प्रशासन कैसे इन बच्चों की मदद करता है और कैसे इनकी पढ़ाई को बदस्तूर जारी रखता है?

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