एक अदद बाबू के सहारे चल रहा है पिथौरागढ़ विकास प्राधिकरण

पिथौरागढ़ में जिला विकास प्राधिकरण बने भले ही एक साल होने को है लेकिन यह प्राधिकरण अधिकारी और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है. आलम यह है कि एक जिला विकास और दो क्षेत्रीय कार्यालय मात्र एक अदद सहायक के सहारे चल रहे हैं.

Vijay Vardhan | News18 Uttarakhand
Updated: August 13, 2018, 7:01 PM IST
एक अदद बाबू के सहारे चल रहा है पिथौरागढ़ विकास प्राधिकरण
जिला विकास प्राधिकरण कार्यालय-पिथौरागढ़
Vijay Vardhan | News18 Uttarakhand
Updated: August 13, 2018, 7:01 PM IST
पिथौरागढ़ में जिला विकास प्राधिकरण बने भले ही एक साल होने को है लेकिन यह प्राधिकरण अधिकारी और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है. आलम यह है कि एक जिला विकास और दो क्षेत्रीय कार्यालय मात्र एक अदद सहायक के सहारे चल रहे हैं. जरूरी कर्मचारियों की कमी के चलते जहां आम लोग परेशान हैं वहीं अवैध निर्माण की भी बाढ़ आई हुई है.फिलहाल तो सरकार ने जिस मंशा से प्राधिकरण गठित किए था, वो मंशा कहीं से भी पूरी होती नहीं दिख रही है. ऐसे में बेहतर यही होगा कि जल्द ही प्राधिकरण में कर्मचारियों के टोटे को दूर किया जाए,ताकि अवैध निर्माण पर लगाम लगने से साथ ही आम लोगों को भी राहत मिल सके.

बीते साल 13 नवम्बर को पिथौरागढ़ में जिला विकास प्राधिकरण का गठन किया गया था.मुख्यालय के साथ ही बेरीनाग और मुनस्यारी में भी क्षेत्रीय कार्यालय खोले जा चुके हैं. लेकिन लंबा वक्त गुजरने पर भी यह प्राधिकरण एक नाम  और बोर्ड से ज्यादा कुछ नहीं हैं. यहां 45 के मुकाबले एक नियमित कर्मचारी नियुक्त है.अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी का आलम यह है कि दूसरे विभागों के सहारे प्राधिकरण घिसट रहा है.ऐसे में जहां नक्शे बनाने वाले दर-बदर की ठोकरे खा रहे हैं,वहीं मौजूद कर्मचारी भी परेशान है.

प्राधिकारण में नियमित कर्मचारी नहीं होने से अवैध निर्माण की बाढ़ आ गई है.हालात इस कदर पटरी से उतरे हैं कि कोई यह देखने वाला नहीं है कि जो निर्माण हो रहे हैं, उनमें कितने नियमों का पालन कोई कर रहा है या नहीं. प्राधिकरण के दायरे में मुख्यालय सहित सभी तहसील मुख्यालय शामिल हैं.यही नहीं नेशनल और स्टेट हाइवे के 200 मीटर का दायरा भी प्राधिकरण में शामिल है.ऐसे में प्राधिकरण के अधिकारी रटा-रटाया जवाब देने को मजबूर हैं.
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