पिथौरागढ़: कांग्रेस नेता ने सीएम तीरथ सिंह रावत को दी सलाह, जानें क्‍या है मामला

सल्ट विधानसभा में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही है. (फाइल फोटो)

सल्ट विधानसभा में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही है. (फाइल फोटो)

उपाध्याय ने ट्वीट कर जहां बीजेपी से सीएम तीरथ रावत (CM Tirath Rawat) का मैदान में उतारने का सुझाव दिया है, वहीं अपनी पार्टी से पूर्व सीएम हरीश रावत को लड़ाने की मांग की है.

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पिथौरागढ़. कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय (Kishore Upadhyay) ने ट्वीट कर सल्ट उपचुनाव (Salt by-election) रावत बनाम रावत बनाने का सुझाव दिया है. उपाध्याय ने ट्वीट कर जहां बीजेपी से सीएम तीरथ रावत (CM Tirath Rawat) को मैदान में उतारने का सुझाव दिया है, वहीं कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत को चुनाव लड़ाने की मांग की है. सुरेन्द्र जीना के निधन के बाद खाली पड़ी सल्ट विधानसभा में उपचुनाव होना है. चुनाव आयोग ने सल्ट में 17 अप्रैल को मतदान और 2 मई को काउंटिंग निर्धारित की है. सल्ट विधानसभा में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही है. हालांकि, अभी तक दोनों प्रमुख दलों ने उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया है.

पूर्व पीसीसी चीफ किशोर उपाध्याय के ट्वीट के राजनीतिक मायने भी तलाशे जा रहे हैं. असल में विधायक सुरेन्द्र जीना के निधन के बाद पूर्व सीएम हरीश रावत ने सल्ट सीट पर कांग्रेस की तरफ से उम्मीदवार न उतारने की बात कही थी, जिसकी कांग्रेसी नेताओं ने काफी आलोचना भी की थी. हालांकि, बाद में हरीश रावत ने इसे निजी राय करार दिया था. वैसे सल्ट विधानसभा हरीश रावत का पैतृक क्षेत्र भी है. ऐसे में माना जा रहा है कि किशोर उपाध्याय ने हरीश रावत को सल्ट विधानसभा में उपचुनाव लड़ने का जो सुझाव दिया है, उससे रावत की ताकत का भी वे आंकलन करना चाह रहे हैं.

चरम पर राजनीति

पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने राजनीतिक जीवन में 3 बार विधानसभा का चुनाव लड़ा है, जिसमें वह सिर्फ एक बार जीते हैं. मुख्यमंत्री तीरथ रावत फिलहाल लोकसभा के सदस्य हैं. उन्हें भी 6 महीने के भीतर विधानसभा का चुनाव लड़ना है. ऐसे में खाली पड़ी विधानसभा सीट पर सीएम को लड़ने की सलाह देकर उपाध्याय उन्हें राजनीतिक रूप से घेरने की कोशिश कर रहे हैं. सीएम तीरथ रावत गढ़वाल मंडल से आते हैं, ऐसे में ये अनुमान लगाया जा रहा है कि कुमाऊं की विधानसभा से चुनाव लड़ने का जोखिम वे शायद ही उठाएं.

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