उत्तराखंड के बॉर्डर तहसीलों में आसमानी आफत से तबाही पर सियासत तेज, प्रभावितों की पुर्नवास की मांग
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उत्तराखंड के बॉर्डर तहसीलों में आसमानी आफत से तबाही पर सियासत तेज, प्रभावितों की पुर्नवास की मांग
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पिछले दिनों आसमानी आफत से 21 लोगों की मौत हो गई थी

प्रभावित इलाकों में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का अभी तक दौरा नहीं होने से विपक्ष को सरकार पर निशाना साधने को मौका मिल रहा है. कांग्रेस के विधायक हरीश धामी इस बात पर हैरानी भी जता रहे हैं कि 21 लोगों की आपदा में मौत होने के बाद भी मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों का हाल तक नहीं जाना है

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  • Last Updated: August 9, 2020, 10:41 PM IST
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पिथौरागढ़. उत्तराखंड (Uttarakhand) के बॉर्डर तहसीलों में आसमानी आफत ने भारी तबाही मचाई है. कुदरत के इस कहर (Natural Calamity) की वजह से कई लोगों की जान चली गई है, वहीं सैकड़ों घर और मकान भी जमींदोंज हुए हैं. इसे लेकर अब राजनीति शुरू हो गई है. आपदा को लेकर जारी सियासत के रंग भी कुछ अलग नजर आ रहे हैं. विपक्ष हो या फिर पक्ष दोनों एक सुर में कदमताल करते नजर आ रहे हैं. दरअसल आसमानी आफत का जो खौफनाक मंजर पिथौरागढ़ (Pithoragarh) की बॉर्डर तहसीलों में दिख रहा है. वैसे शायद ही कभी देखने को मिला हो. हर तरफ बर्बादी की निशान बिखरे हैंं. लेकिन बरसात की इस आफत को लेकर राजनीति भी खूब हो रही है.

प्रभावित इलाके के कांग्रेस के विधायक हरीश धामी आए दिन सरकार और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी कठघरे में खड़ा कर रहे हैं. धामी के मुताबिक चुनाव में उन्हें जिताने का बदला बीजेपी सरकार प्रभावितों से ले रही है. दरअसल प्रभावित इलाकों में सीएम त्रिवेंद्र रावत का अभी तक दौरा नहीं होने से विपक्ष को सरकार पर निशाना साधने को मौका मिल रहा है. हरीश धामी इस बात पर हैरानी भी जता रहे हैं कि 21 लोगों की आपदा में मौत होने के बाद भी मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों का हाल तक नहीं जाना है.

BJP विधायक ने भी की प्रभावितों के पुनर्वास की मांग



विपक्ष भले ही आपदा की आड़ में सरकार पर हमला बोल रही है वहीं बीजेपी के विधायक भी आपदा प्रभावितों के दर्द में खुद को बराबर का शरीक दिखा रहे हैं. विपक्ष के सुर में ताल मिलाते हुए प्रभावितों के पुर्नवास को बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और डीडीहाट से विधायक बिशन सिंह चुफाल सबसे बड़ा मुद्दा मान रहे हैं. चुफाल के मुताबिक आसमानी आफत ने बंगापानी, मुनस्यारी और धारचूला में सैकड़ों घर-परिवार बर्बाद कर डाले हैं. ऐसे में सरकार को हर हाल में प्रभावितों का पुर्नवास करना चाहिए. (विजय उप्रेती की रिपोर्ट)
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