Home /News /uttarakhand /

जहां लैंडलाइन कभी नहीं पहुंच सका, बॉर्डर के उस कोने में पहुंचा रिलायंस जिओ नेटवर्क

जहां लैंडलाइन कभी नहीं पहुंच सका, बॉर्डर के उस कोने में पहुंचा रिलायंस जिओ नेटवर्क

उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों में पहुंचा जियो नेटवर्क.

उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों में पहुंचा जियो नेटवर्क.

उत्तराखंड का सीमाई ज़िला पिथौरागढ़ चीन और नेपाल की सीमा (India-China Border) से सटा है इसलिए रणनीतिक और सामरिक लिहाज़ से काफी अहम है. इसके बावजूद यहां दशकों से मोबाइल कनेक्टिविटी की ज़रूरत सपना ही बनी हुई थी.

पिथौरागढ़. बॉर्डर के जिन इलाकों में आज़ादी के 70 दशक बाद भी एक अदद लैंडलाइन फोन नही पहुंच पाया, वहां रिलायंस जिओ ने हाई स्पीड 4 जी मोबाइल सर्विस पहुंचा दी. जिओ की सर्विस पहुंचते ही इन इलाकों में पहली बार मोबाइल की घंटी बजी. भारत के लिए चीनी सीमा के लिहाज़ से काफी अहम इस इलाके का जिओ की 4 जी सेवा से सीधा जुड़ना किसी उत्सव से कम नही है.

ज़िले की धारचूला और मुनस्यारी तहसीलें सबसे दुर्गम इलाकों में शुमार हैं. ये दोनों तहसीलें चीन और नेपाल बॉर्डर के भी काफी करीब हैं. जिस कारण इनका सामरिक महत्व है. इतनी अहम तहसीलें होने के बाद भी ये इलाके संचार सेवा से कोसों दूर थे. एक दौर में यहां के लोग लैंडलाइन फोन सेवा दिए जाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा करते थे तो, मोबाइल क्रांति के बाद यहां मोबाइल सेवा दिए जाने की मांग जोर पकड़ रही थी.



दशकों की मांग जिओ ने की पूरी
क्षेत्रीय विधायक हरीश धामी ने इलाके को मोबाइल से जोड़े जाने की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर में धरना तक दिया था. लेकिन ये इलाका संचार सेवा से नहीं जुड़ सका था. आखिरकार दशकों की मांग रियालंस जिओ ने पूरी की.

रिलायंस जियो ने धारचूला तहसील के तल्ला दारमा के दर गांव, चौंदास घाटी के जिप्ति और सिर्खा में 4 जी मोबाइल सेवा शुरू कर दी है. यही नहीं, सोबला में भी मोबाइल टावर तैयार कर दिया है. ये सभी इलाके चाइना बॉर्डर के काफी करीब हैं. इन इलाकों में 4 जी मोबाइल सेवा शुरू होने से स्थानीय लोग तो शेष दुनिया से जुड़ेंगे ही, साथ ही बॉर्डर पर तैनात जवानों को भी लाभ मिलेगा.

uttarakhand news, uttarakhand border, reliance jio sim, reliance jio network, उत्तराखंड न्यूज़, उत्तराखंड समाचार, रिलायंस जियो सिम, रिलायंस जियो नेटवर्क
पहाड़ी इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की दशकों की मांग पूरी हुई.


तीर्थयात्रियों को भी होगा फायदा
मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्री भी यात्रा के दौरान मोबाइल कनेक्टविटी में रहेंगे. असल में ये इलाके भू-गर्भीय तौर से भी बहुत अधिक संवेदनशील हैं. हर बरसात में यहां आपदा आती रहती है. लेकिन आपदा की सूचना मुख्यालय पहुंचने में काफी समय लगता था. लेकिन अब सूचना पहुंचना मिनटों की बात हो जाएगी.

कहां-कहां पहुंच रहा है नेटवर्क?
रिलायंस जियो इसके बाद मुनस्यारी तहसील के बोना, बिल्जू और मिलम जैसे बॉर्डर के गांवों को भी 4 जी मोबाइल सेवा से जोड़ने जा रहा है. इन इलाकों में मोबाइल टावर के लिए जमीन मलिकों से साथ एग्रिमेंट हो चुका है. जबकि तहसील मुख्यालय मुनस्यारी में 4 जी मोबाइल लाइन पहुंचा दी गई है.

जिप्ति के ग्राम प्रधान धर्मेन्द्र सिंह का कहना है कि उनके इलाके में मोबाइल सेवा का पहुंचना किसी सपने के साकार होने जैसा है. बॉर्डर के लिए ये पल किसी उत्सव से कम नहीं है. धर्मेन्द्र के साथ ही क्षेत्रीय विधायक हरीश धामी ने भी रिलायंस जिओ का आभार जताया.

जिन इलाकों में रिलायंस जिओ ने मोबाइल सेवा दी है, उनमें कई इलाके ऐसे हैं, जहां लोग न चाहते हुए भी शेष दुनिया से जुड़ने के लिए नेपाली मोबाइल सिम का इस्तेमाल किया करते थे. नेपाली मोबाइल सिम के इस्तेमाल से जहां भारत को राजस्व का भारी नुकसान होता था, वहीं ये बॉर्डर की सुरक्षा के लिए भी खतरा हो सकता था.

Tags: India china border, Jio Mobile Tower, JIO News, Reliance Jio, Uttarakhand news

विज्ञापन
विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर