होम /न्यूज /उत्तराखंड /

उत्तराखंड: बॉर्डर पार कर रहे नेपाली नागरिक की नदी में गिरने से हुई मौत ने पकड़ा तूल, नेपाल ने बनाई जांच टीम

उत्तराखंड: बॉर्डर पार कर रहे नेपाली नागरिक की नदी में गिरने से हुई मौत ने पकड़ा तूल, नेपाल ने बनाई जांच टीम

पिथौरागढ़ में उत्तराखंड बॉर्डर पार कर रहे नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी. इस मामले में एक जांच टीम बनाई गई है.

पिथौरागढ़ में उत्तराखंड बॉर्डर पार कर रहे नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी. इस मामले में एक जांच टीम बनाई गई है.

Indo-Nepal Border News: कुछ दिन पहले पिथौरागढ़ की धारचूला तहसील के गस्कू में एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी. बताया जाता है कि नेपाली नागरिक तार की मदद से भारत आ रहा था, इस दौरान वह तारों में फंस गया और नदी में गिरने से उसकी मौत हो गई.

अधिक पढ़ें ...

पिथौरागढ़. उत्तराखंड की बॉर्डर तहसील धारचूला के गस्कू में एक नेपाली नागरिक तारों की मदद से भारत में प्रवेश कर रहा था. लेकिन इसी दौरान काली नदी में गिरने से उसकी मौत हो गई. घटना के बाद नेपाल में विभिन्न संगठनों के विरोध प्रदर्शन तेज होने लगे. नेपाली संगठन इसके लिए सीमा सुरक्षा बल को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. मुद्दे के तूल पकड़ने के पर नेपाल सरकार ने एक जांच कमेटी बनाई है. जांच कमेटी ने नेपाल के दार्चूला के साथ ही भारत के गस्कू भी पहुंचकर हर पहलू की जांच की है.

30 जून को नेपाल के दार्चुला जिले के रहने वाले के जय सिंह धामी गस्कू में तार की मदद से भारत आने का प्रयास कर रहे थे. लेकिन उसी दौरान काली नदी में गिरने से उनकी मौत हो गई. धामी के साथ 5 अन्य नेपाली नागरिक भी थे. जिन्होंने एसएसबी को घटना की सूचना दी थी. एसएसबी का कहना है कि उनके जवानों ने जय सिंह की तलाश की, लेकिन काली के तेज बहाव में उसका कहीं पतना नही लगा.

घटना के बाद नेपाल में तेज हुआ भारत विरोधी अभियान
नेपाल के विभिन्न संगठनों ने घटना के लिए भारत की सीमा सुरक्षा बल को जिम्मेदार ठहराया। नेपाली संगठनों का आरोप है कि एसएसबी ने तार काट दिया, जिससे जय सिंह नदी में जा गिरा. नेपाल में ये मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. नेपाल सरकार ने मामले की जांच के लिए होम मिनिस्ट्री के सहायक सचिव जनार्दन गौतम के अगुवाई में जांच टीम बनाई है.

टीम में नेपाल प्रहरी के उपमहानिरीक्षक, राष्ट्रीय अनुसंधान विभाग के निदेशक एवं सशस्त्र प्रहरी बल के सीनियर एसपी और दार्चुला जिले सहायक डीएम मौजूद हैं. जांच टीम ने दार्चुला में विभिन्न लोगों से मुलाकात की. साथ ही नेपाली मीडिया और आंदोलनकारी प्रतिनिधियों से भी घटना के बारे में जानकारी हासिल की. नेपाली जांच टीम भारत से इजाजत मिलने के बाद भारत के गस्कू भी पहुंची. जहां ये घटना हुई थी. जांच टीम ने घटनास्थल का बारीक अध्ययन किया है.

तार के जरिए भारत प्रवेश करना है अवैध
एसएसबी की 11 वीं वाहिनी के कमाडेंट महेन्द्र प्रताप का कहना है कि दोनों मुल्कों के लोगों को तार के जरिए नदी को पार करने से मना किया गया था. उन्होनें कहा कि तार के जरिए आवाजाही पूरी तरह अवैध है. दोनों मुल्कों के बीच आवाजाही के लिए झूलापुल बनाएं गए हैं. साथ ही एसएसबी कमाडेंट ने साफ किया कि अगर कोई व्यक्ति तार की मदद से काली नदी पार करता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

Tags: India Nepal Border Issue, Indo-Nepal Border, Uttarakhand Latest News

अगली ख़बर