उत्तराखंड : फिलहाल धारचूला, मुनस्यारी और डीडीहाट के लोगों को नहीं लग सकती वैक्सीन - जानें क्यों

उत्तराखंड के बॉर्डर इलाकों के लिए वैक्सीनेशन प्रक्रिया ऑफलाइन किए जाने की इजाजत मांगी गई है.

उत्तराखंड के बॉर्डर इलाकों के लिए वैक्सीनेशन प्रक्रिया ऑफलाइन किए जाने की इजाजत मांगी गई है.

उत्तराखंड के धारचूला, मुनस्यारी और डीडीहाट तहसील के अधिकांश इलाके ऐसे हैं, जहां आज इंटरनेट नहीं है. वैक्सीनेशन की अधिकतर प्रक्रिया ऑनलाइन है. इसलिए स्वास्थ्य महानिदेशक से इन इलाकों में ऑफलाइन वैक्सीनेशन की इजाजत मांगी गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 27, 2021, 11:22 PM IST
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पिथौरागढ़. संचार क्रांति के इस दौर में भी पिथौरागढ़ के बॉर्डर इलाके इंटरनेट-मोबाइल से नहीं जुड़ पाए हैं. संचार सेवा की इस कमी से लोग तो दशकों से जूझ ही रहे हैं. लेकिन अब असल दिक्कत हेल्थ डिपार्टमेंट के सामने खड़ी हो गई है. कोरोना वैक्सीनेशन की सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन होने से हजारों की आबादी वैक्सीन नहीं ले पा रही है.

कोरोना के बढ़ते आंतक को रोकने के लिए वैक्सीनेशन को रामबाण माना जा रहा है. यही वजह है कि देश भर में वैक्सीनेशन की रफ्तार काफी तेज कर दी गई है. लेकिन पिथौरागढ़ के बॉर्डर इलाकों में चाहने के बाद भी वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है. धारचूला, मुनस्यारी और डीडीहाट तहसील के अधिकांश इलाके ऐसे हैं, जो संचार सेवा से आज भी महरूम हैं.

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स्वास्थ्य महानिदेशक को लिखा है पत्र
धरचूला, मुनस्यारी और डीडीहाट तहसील को लेकर जब सीएमओ डॉ एचसी पंत से पूछा गया कि इन इलाकों के लोगों को वैक्सीन कैसे दी जाएगी, तो उन्होंने बताया कि ऑफलाइन वैक्सीनेशन के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र लिखा है. उन्हें इस इलाके की समस्या से अवगत कराया है. लेकिन अभी तक जवाब नहीं मिला है.

नेपाल की सिम का करते हैं इस्तेमाल

असल में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया इंटरनेट के जरिए ही पूरी की जा सकती है. केन्द्र की गाइडलाइन में ऑफलाइन वैक्सीनेशन का न कोई फॉरमेट है और न ही कहीं इसके बारे कोई जिक्र किया गया है. ऐसे में जिन इलाकों में इंटरनेट का नामो-निशान नही है, वहां वैक्सीनेशन होना असंभव सा है. ये बात अलग है कि नेपाल बॉर्डर से सटे कुछ क्षेत्रों में भारतीय नागरिक नेपाली सिम के जरिए देश-दुनिया से जुड़े तो रहते हैं. लेकिन इंटरनेट सेवा से वे भी महरूम हैं. बॉर्डर के गांव पांग्ला के रहने वाले अर्जुन सिंह बताते हैं कि किसी तरह नेपाल की सिम की मदद से वे ज्यादा पैसा खर्च कर बहुत जरूरी बात तो लोगों से कर लेते हैं. लेकिन इंटरनेट सेवा अभी भी सपना जैसा ही है.



बॉर्डर इलाकों में भी संक्रमण बढ़ा

बीते कुछ दिनों में कोरोना का संक्रमण के मामलों में काफी तेजी आई है. यहां तक कि बॉर्डर इलाकों में भी आए दिन कोरोना के केस सामने आ रहे हैं. ऐसे में बेहतर यही होगा कि इन इलाकों में ऑफलाइन वैक्सीनेशन की परमिशन सरकार जल्द दे. जरा सी देर लोगों की जिंदगी पर काफी भारी पड़ सकती है.
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