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शहरी क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं में हृदय रोग का बढ़ा खतरा

शहरी क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं में हृदय रोग का बढ़ा खतरा

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गांव की साफ-सुधरी आबोहवा, बेतहतर खानपान और अपनी घरेलू कामों में व्यस्त रहने की जिंदगी भले ही महिलाओं को थका देती हो, लेकिन ये सब उनके दिल के लिए जरूरी है. वहीं दूसरी तरह आरामपस्त जीवन, अव्यवस्थित जीवन शैली, जंक फूड का सेवन, धूम्रपान का सेवन शहरी क्षेत्रों की महिलाओं की सेहत को नासाज कर रहा है. खासतौर से शहरी क्षेत्रों की करीब 30 फीसदी महिलाओं में हृदय रोग होने का खतरा बढ़ता जा रहा है.

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    गांव की साफ-सुधरी आबोहवा, बेतहतर खानपान और अपनी घरेलू कामों में व्यस्त रहने की जिंदगी भले ही महिलाओं को थका देती हो, लेकिन ये सब उनके दिल के लिए जरूरी है. वहीं दूसरी तरह आरामपस्त जीवन, अव्यवस्थित जीवन शैली, जंक फूड का सेवन, धूम्रपान का सेवन शहरी क्षेत्रों की महिलाओं की सेहत को नासाज कर रहा है. खासतौर से शहरी क्षेत्रों की करीब 30 फीसदी महिलाओं में हृदय रोग होने का खतरा बढ़ता जा रहा है.

    विशेषकर महिलाओं में रक्तताप, मानसिक तनाव के साथ हृदय रोग का ग्राफ बढ़ता जा रहा है. इंडियन हॉर्ट वाच की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं में हृदय रोग की संभावना उतनी नहीं मिल रही है, जितनी कि शहरी क्षेत्रों की है.

    दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं की स्थिति काफी अनुशासित है और वो सुबह से लेकर शाम तक अपने दिनचर्या के सभी कामों को खुद करती है. मिसाल के तौर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं सुबह से खेतों में काम करती है. साथ ही पशुओं के लिए चारा काटती है,  ईंधन के लिए लकड़ियां जुटाती है.

    इस तरह से उनका पूरा दिन घरेलू कामकाज के बीच व्यस्त रहता है. ये सब भले ही उन्हें भारी लगता है या फिर उनके थका देता है, लेकिन इंडियन हार्ट वॉच की रिपोर्ट के मुताबिक इस से काम करना उनके लिए काफी फायदेमंद होता है. दूसरी तरह शहरी क्षेत्रों की महिलाओं का जीवन पूरी तरह से अव्यवस्थित हो गया है, क्योंकि व्यवस्ता के चलते किसी तरह की व्यायाम नहीं करती है जिससे हृदय रोग होने का खतरा बढ़ता जा रहा है.

    वहीं दून हॉस्पिटल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ केवी जोशी का कहना है कि हृदय रोग के निदान के बारे में हो रहे रिसर्च से पता चला है कि ऐसी महिलाएं जो शारीरिक रूप से काफी मोटी हैं और आराम तलबी जीवन जीती हैं, उनमें हृदय रोग होने का खतरा ज्यादा रहता है.  उनका कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों की महिलाएं दिनभर काम करती हैं, उनका खानपान व्यवस्थित रहता है. ऐसे में उनके जीवन में हृदय रोग होने का खतरा कम रहता है

    हृदय रोग से बचने के लिए क्या करें

    खानपान में साबुत अनाज और फल-सब्जियों को शामिल करें. जंक फूड, घी के साथ ऑयली भोजन से परहेज करें. रोजाना कम से कम आधे घंटे तक वॉक करें, मोटापा, डायबिटीज और केलोस्ट्राल पर नियंत्रण में रखना की कोशिश करें.

    दिल की सलामती के लिए धूम्रपान का सेवन, खाने में नमक की मात्रा कम रखें, एल्कोहल का सेवन 60 मिली से ज्यादा करने से परहेज करें. खाने में मीट के जगह पर बिना तली हुई मछली का सेवन करें. तनाव और मानसिक बोझ से बचने की कोशिश करें. अगर दिल को सलामत रखेंगे तो तो दिमाग भी सलामत रहेगा.

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