होम /न्यूज /उत्तराखंड /

Uttarakhand: ये है हिमालय में मिलने वाली 'संजीवनी' बूटी, यारसा गंबू की कीमत जान दंग रह जाएंगे आप

Uttarakhand: ये है हिमालय में मिलने वाली 'संजीवनी' बूटी, यारसा गंबू की कीमत जान दंग रह जाएंगे आप

यारसा गंबू पर रिसर्च करने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि इस बेशकीमती बूटी का दोहन बेतहाशा ढंग से नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे पर्यावरण भी प्रभावित होता है. इसके अलावा कोरोना के दो सालों के चलते भी इस बार इस बूटी के उत्पादन पर असर पड़ रहा है. देखिए तमाम रोचक डिटेल्स.

अधिक पढ़ें ...

(रिपोर्ट- हिमांशु जोशी)

पिथौरागढ़. उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में एक खास जड़ी मिलती है, जो कि कथित तौर पर दुनिया की सबसे महंगी और अनोखी बूटी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में खास मांग होने के कारण इसकी कीमत लाखों में होती है. इस बूटी को स्थानीय भाषा में कीड़ा जड़ी या यारसा गंबू (Yarsa Gamboo or Yarsagumba) कहा जाता है. हिमालय में जब बर्फ पिघलने लगती है, तो उस समय इस बूटी को यहां के स्थानीय निवासी खोजकर लाते हैं.

यारसा गंबू को खोजना हर किसी के बस की बात नहीं है. विषम परिस्थितियों में हिमालय में रहकर इसकी पहचान सिर्फ स्थानीय लोगों को ही होती है. पिथौरागढ़ के धारचूला, मुनस्यारी के अलावा यारसा गंबू अन्य हिमालयी राज्यों में भी पाई जाती है. पिथौरागढ़ के दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों की आजीविका का यह एक मुख्य स्रोत है.

कीड़ा जड़ी का इस्तेमाल शक्तिवर्धक और कैंसर की दवाओं को बनाने में किया जाता है. इस बार हिमालयी क्षेत्रों में कीड़ा जड़ी का अधिक मात्रा में दोहन हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में खुशी है. मुनस्यारी के स्थानीय व्यक्ति और समाजसेवी जगत सिंह मर्तोलिया ने कीड़ा जड़ी बेचने के लिए खुले बाजार की मांग की है.

कीड़ा जड़ी की मांग भारत के साथ चीन, सिंगापुर और हांगकांग में भी खूब है. वहां से व्यापारी कीड़ा जड़ी लेने काठमांडू और कभी-कभी धारचूला तक आ पहुंचते हैं. एजेंट के माध्यम से विदेशी व्यापारियों के लिए यह करीब 20 लाख रुपये प्रति किलो की दर से बिकती है.

जानकारों के मुताबिक, एशिया में हर साल कीड़ा जड़ी का करीब 150 करोड़ का कारोबार होता है. यारसा गंबू पर रिसर्च करने वाले डॉ सचिन बताते हैं कि इस बार ज्यादा उत्पादन का कारण कोरोना काल में कम दोहन है. अगर इसे लिमिटेड मात्रा में ही निकाला जाए, तो यह हमेशा ऐसे ही मिलता रहेगा.

Tags: Himalaya, Medicines

अगली ख़बर