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उत्तराखंड में इस तरह होगी प्रदूषण की रियल टाइम मॉनिटरिंग

Pushkar Rawat | ETV UP/Uttarakhand
Updated: July 27, 2016, 3:14 PM IST
उत्तराखंड में इस तरह होगी प्रदूषण की रियल टाइम मॉनिटरिंग
रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम

उत्तराखंड में जल और वायु प्रदूषण के स्तर की सटीक जानकारी के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लगा दिए गए हैं. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंगा और यमुना नदी समेत पचास जगहों पर ऐसे सिस्टम लगाए हैं. इसके जरिए राज्य और केंद्र की प्रदूषण नियंत्रण इकाइयों को प्रदूषण का ऑनलाइन डाटा मिलता रहेगा.

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उत्तराखंड में जल और वायु प्रदूषण के स्तर की सटीक जानकारी के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लगा दिए गए हैं. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंगा और यमुना नदी समेत पचास जगहों पर ऐसे सिस्टम लगाए हैं. इसके जरिए राज्य और केंद्र की प्रदूषण नियंत्रण इकाइयों को प्रदूषण का ऑनलाइन डाटा मिलता रहेगा. इस व्यवस्था से प्रदूषण का स्तर जांचने और उस पर निगरानी रखना काफी आसान हो जाएगा. वहीं प्रदूषण कारी उद्योगों और अन्य कारकों का तुरंत पता भी लगाया जा सकेगा.

समय पर स्थिति का पता लगने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड त्वरित कार्रवाई के कदम भी उठा सकता है. उत्तराखंड में मैदानी इलाकों में औद्योगिक प्रदूषण के साथ ही नदियों में सिवेज की समस्या रहती है. हाल ही में रियल टाइम मॉनीटरिंग सिस्टम के जरिए मिले डाटा से पता लगाया गया है कि हरिद्वार में गंगा नदी सीवेज के कारण ही सबसे ज्यादा दूषित हो रही है.

यहां रोजाना दो एमएलडी यानी चार लाख लीटर सीवेज गंगा में प्रवाहित हो रहा है. जो हरिद्वार और इसके आस पास के इलाकों के कुल सीवेज का बीस फीसदी है. उत्तराखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव विनोद सिंघल बताते हैं कि रियल टाइम मॉनीटरिंग से प्रदूषण का स्तर पता लगाना और इसके निंयत्रण के लिए कार्रवाई करना अब आसान हो गया है. इसके आधार पर ही कुछ प्रदूषणकारी इकाइयों को त्वरित नोटिस भी जारी किए गए हैं.

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First published: July 27, 2016, 1:56 PM IST
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