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Politics of Uttarakhand : पीएम मोदी के दौरे से पहले हरीश रावत पहुंचे केदारनाथ, चुनावी मुद्दों पर दिया बड़ा बयान

Politics of Uttarakhand : पीएम मोदी के दौरे से पहले हरीश रावत पहुंचे केदारनाथ, चुनावी मुद्दों पर दिया बड़ा बयान

केदारनाथ पहुंचे हरीश रावत. (Photo:Tiwtter)

केदारनाथ पहुंचे हरीश रावत. (Photo:Tiwtter)

Uttarakhand Election 2022 : प्राकृतिक आपदा के बाद की चुनौतियों से जूझ रहे उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के लिहाज़ से सरगर्मियां भी तेज़ हैं. चूंकि चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra) के संपन्न होने में भी कुछ ही समय शेष है इसलिए यह भी लगातार चर्चा में है. मंगलवार को ही बड़ी खबर आई कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने देवस्थानम बोर्ड को लेकर जो उच्च स्तरीय कमेटी बनाई थी, उसने अपनी रिपोर्ट सौंपी लेकिन सिफारिशों और सुझावों का खुलासा नहीं किया गया. इन तमाम बातों के बीच, हरीश रावत का बाबा केदार (Baba Kedar Dham) के दर्शन करने के राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं.

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    रुद्रप्रयाग. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने ऐसे समय में केदारनाथ धाम का रुख किया, जबकि एक तरफ उत्तराखंड में आपदा का प्रकोप है और दूसरी तरफ, देवस्थानम बोर्ड एक्ट को लेकर हाई लेवल कमेटी ने अंतरिम रिपोर्ट सौंपी. रावत ने केदारनाथ धाम पहुंचकर देवस्थानम बोर्ड का मुद्दा उठाया तो साथ ही, यहां विकास के मुद्दे पर भी राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार को घेरने की कोशिश की. वास्तव में, केदारनाथ में जो पुनर्निर्माण हो रहा है और आगामी 5 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जो दौरा प्रस्तावित है, उसके संदर्भ में रावत के दौरे को सियासी नज़रिये से देखा जा रहा है.

    उत्तराखंड चुनाव 2022 के लिए कांग्रेस के प्रचार अभियान के प्रमुख हरीश रावत जब मंगलवार को केदारनाथ दौरे पर पहुंचे तो एक तीर से कई निशाने साधने जैसा नज़ारा दिखा. रावत ने बाबा केदार धाम में दर्शन करने के बाद स्थानीय पुजारियों, पुरोहितों के साथ ही अन्य लोगों से मुलाकात की. इसके बाद रावत ने केदारनाथ के विकास और देवस्थानम बोर्ड के मुद्दे पर खुलकर सरकार के खिलाफ अपना बयान दिया.

    ‘देवस्थानम बोर्ड हमारी तरफ से भंग’
    रावत ने यहां साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई तो देवस्थानम बोर्ड को भंग कर दिया जाएगा. ‘हमारी तरफ से बोर्ड भंग है’, इन शब्दों के साथ रावत ने कहा, ‘हमारी परंपराओं में हक हुकूकधारियों, पुरोहितों, पंडों सबका विशिष्ट उल्लेख है. हम उसके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करेंगे और देवस्थानम बोर्ड को हमारी सरकार प्राथमिकता के साथ खत्म कर देगी.’

    केदारनाथ विकास को लेकर राजनीति
    2013 में यहां आई जलप्रलय के बाद नये सिरे से निर्माण कार्य हो रहे हैं. केदारनाथ के पुनर्विकास में पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट भी शामिल है और कहा जा रहा है कि पीएम मोदी खुद इस बारे में जायज़ा लेते हैं. यह भी गौरतलब है कि 5 नवंबर को यहां पहुंच रहे मोदी इन विकास कार्यों के हवाले से उत्तराखंड चुनाव के लिहाज़ से बीजेपी का प्रचार करेंगे. इससे पहले, रावत केदारनाथ पहुंचे और उन्होंने कहा कि यहां अपेक्षित विकास नहीं हो रहा है. ‘जब एवरेस्ट तक वाई फाई की सुविधा उपलब्ध हो सकती है, तो एडवांस तकनीक के ज़माने में केदारनाथ में कनेक्टिविटी क्यों नहीं है?’

    इसके अलावा, हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर अपने संक्षिप्त केदारनाथ दौरे के बारे में कई पोस्ट सिलसिलेवार करते हुए अपने समर्थकों को अपडेट किया. उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड आपदा के साथ ही राहुल गांधी के संबंध में भी अपना बयान दिया.

    Tags: Harish rawat, Kedarnath Dham, Uttarakhand news

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