पूर्व निर्धारित मुहूर्त पर 29 अप्रैल को ही खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट, रावल के क्वारंटाइन होने का नहीं पड़ेगा असर

कोरोना वायरस संक्रमण का केदारनाथ के कपाट खुलने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और ये मुहुर्तानुसार 29 अप्रैल को ही खुलेंगे.,
कोरोना वायरस संक्रमण का केदारनाथ के कपाट खुलने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और ये मुहुर्तानुसार 29 अप्रैल को ही खुलेंगे.,

सोमवार को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि और मुहूर्त बदल दिया गया था.

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रुद्रप्रयाग. केदारनाथ धाम से जुड़ी बड़ी खबर है. केदारनाथ धाम के कपाट पूर्व निर्धारित तिथि को ही खुलेंगे. कपाट खुलने को लेकर पंचगद्दी स्थल ऊखीमठ में आयोजित हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया है. बैठक में हुए फैसले को शासन और प्रशासन को भेज दिया गया है. इससे पहले सोमवार को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि और मुहूर्त बदल दिया गया था. इसके साथ ही पर्यटन और धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने केदारनाथ धाम के कपाट भी 14 मई को खुलने का ऐलान कर दिया था. हालांकि बाद में तीर्थ-पुरोहितों के दबाव के बाद उन्होंने अपना बयान बदल लिया और मंगलवार (आज) को होने वाली बैठक में फ़ैसला लेने की बात कही.

बदरीनाथ से भिन्न पूजा पद्धति
केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ऊखीमठ में हुई बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में वेदपाठी और ऊखीमठ एसडीएम भी शामिल हुए. केदारनाथ के रावल अभी क्वारंटाइन में हैं, इस कारण वह बैठक में शामिल नहीं हुए.

बैठक में निर्णय लिया गया कि शासन द्वारा सोशल डिस्टेंस को लेकर जारी सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा. वेदपाठियों का कहना था कि बदरीनाथ और केदारनाथ की पूजा पद्धति बिल्कुल भिन्न है. बदरीनाथ में गर्भगृह में केवल रावल ही पूजा कर सकते हैं जो अभी क्वारंटाइन में हैं, जबकि केदारनाथ धाम में रावल नहीं बल्कि उनके द्वारा निर्धारित शिष्य पूजा करते हैं. ऐसे में रावल के क्वारंटाइन होने का भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा.



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