केदारनाथ के कपट शीतकाल के लिए हुए बंद, पंचमुखी डोली ऊखीमठ के लिए रवाना

सुबह 5:30 बजे से केदारनाथ धाम में पूजा अर्चना शुरू हो गई थी. कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह डोली केदारनाथ धाम से अपने पंच गद्दीस्थल ऊखीमठ के लिए चल पड़ी.

News18 Uttarakhand
Updated: November 9, 2018, 9:22 AM IST
केदारनाथ के कपट शीतकाल के लिए हुए बंद, पंचमुखी डोली ऊखीमठ के लिए रवाना
सुबह आठ बजकर तीस मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बाबा केदार के कपाट बंद हुए.
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Updated: November 9, 2018, 9:22 AM IST
11वें ज्योतिर्लिंग बाबा केदार के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं. सुबह आठ बजकर तीस मिनट  पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद हुए. कपाट बंद होने के बाद केदारनाथ की पंचमुखी डोली अपने शीतकालीन प्रवास स्थल के लिए रवाना हो गई है.

आज सुबह 5:30 बजे से केदारनाथ धाम में पूजा अर्चना शुरू हो गई थी. कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह डोली केदारनाथ धाम से अपने पंच गद्दीस्थल ऊखीमठ के लिए चल पड़ी.

बाबा केदार की डोली सेना के बैंड की धुन के साथ चलते हुए हज़ारों श्रदालुओं के साथ आज पहले पड़ाव रामपुर पर पहुंचेगी. यहां ग्रामीण बाबा की चल विग्रह डोली का स्वागत करेंगे. रात्रि विश्राम यहीं किया जाएगा.

शनिवार को चल बिग्रह डोली रामपुर से काशी विश्वनाथ मन्दिर गुप्तकाशी के मन्दिर में पहुंचेगी और यहीं रात्रि विश्राम किया जाएगा.

तीसरे दिन बाबा केदार की पंचमुखी डोली छह महीने के लिए ओम्कारेश्वर मन्दिर ऊखीमठ में विराजमान होगी. शीतकाल में छह महीने इसी मन्दिर में बाबा की पूजा अर्चना की जाएगी. यहीं पर तीर्थ यात्री शीतकाल के दौरान बाबा केदार के दर्शन कर पाएंगे.

(केदारनाथ धाम से शैलेंद्र रावत की रिपोर्ट)

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