केदारनाथ यात्रा शुरू होने के आसार नहीं, तीर्थ-पुरोहितों ने सरकार का फैसला मानने से किया इनकार

केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों ने सितंबर तक यात्रा खोलने का विरोध किया है .
केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों ने सितंबर तक यात्रा खोलने का विरोध किया है .

CHardham Yatra: तीर्थ पुरोहितों ने सितंबर तक यात्रा खोलने का विरोध कर उसके बाद भी चरणबद्ध ढंग से यात्रा शुरू करने को कहा. केदारनाथ के रावल ने कहा कि यात्रा शुरू होने से महामारी फैलने की आशंका बहुत बढ़ जाएगी.

  • Share this:
रुद्रप्रयाग. चार धाम यात्रा (Chardham Yatra) जल्द ही खुलने के आसार नहीं हैं. सोमवार को राज्य सरकार ने यात्रा शुरू करने की पूरी तैयारी करने के बाद तीर्थ-पुरोहितों के विरोध को देखते हुए उनसे बात करने के बाद ही यात्रा शुरू करने पर फैसला करने की बात कही थी. केदारनाथ (Kedarnath Dham) के तीर्थ पुरोहितों ने सितंबर तक यात्रा खोलने का विरोध किया है और उसके बाद भी चरणबद्ध ढंग से यात्रा शुरू करने को कहा है. तीर्थ पुरोहितों की इस बात पर अब देवस्थानम बोर्ड के माध्यम से सरकार विचार करेगी और फ़िलहाल तो केदारनाथ यात्रा शुरू होने की संभावनाएं ख़त्म हो गई दिख रही हैं.

डीएम ने की तीर्थ-पुरोहितों से बात

राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन की क्रम संख्या 4.3 के अनुसार केदारनाथ यात्रा खोलने को लेकर रुद्रप्रयाग की ज़िलाधिकारी वन्दना सिंह ने तीर्थ पुरोहितों के साथ वार्ता की. बैठक में तीर्थपुरोहितों ने सितम्बर माह तक यात्रा खोलने का विरोध किया और कहा कि आने वाले समय में भी यात्रा चरणबद्ध ढंग से ही खोली जाए. बैठक के बाद ज़िलाधिकारी ने कहा कि तीर्थ-पुरोहित समाज के सुझाव को देवस्थानम बोर्ड को भेजा जाएगा.



दरअसल चारधाम यात्रा खोलने की पूरी तैयारी करने का बाद उत्तराखण्ड सरकार ने फ़ैसला किया कि यात्रा के संचालन के लिए देवस्थानम बोर्ड सभी पक्षों के सुझाव और सहभागिता के आधार पर निर्णय लेगा. इसी के बाद तीर्थ पुरोहितों के साथ बैठक की गई.
चरणबद्ध ढंग से खुले यात्रा

इसमें तीर्थपुरोहित श्रीनिवास पोस्ती ने कहा कि सभी तीर्थपुरोहित का सुझाव है कि 30 जून तक यात्रा को न खोला जाय और 30 जून के बाद यात्रा चरणबद्ध तरीके से खोली जाए. पहले चरण मे कालीमठ, गुप्तकाशी, विश्वनाथ, ओमकारेश्वर व अन्य मंदिरों को स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए खोला जाए. स्थिति को देखते हुए दूसरे चरण मे केदारनाथ धाम, मद्महेश्वर की यात्रा पर विचार किया जाए.

बैठक में तीर्थपुरोहित विनोद शुक्ला ने कहा कि वर्तमान में कोरोना का संक्रमण फैलता ही जा रहा है यात्रा खोलने से संक्रमण की संभावना है. वर्तमान में श्रद्धालुओं के लिए रहने खाने की व्यवस्था भी नहीं है. इसलिए क्षेत्रीय लोगों को व्यवस्था हेतु आवागमन की अनुमति दी जानी जाहिए.

रावल का पत्र

केदारनाथ रावल जगद्गुरू भीमाशंकर लिंग शिवाचार्य ने भी पत्र के माध्यम से ज़िलाधिकारी को सुझाव दिया कि अभी सारे देश में कोरोना का वातावरण है. केदारनाथ यात्रा शुरु की जाती है तो देश के सभी प्रान्तों में रहने वाले उत्तराखण्ड निवासी भी इसमें शामिल होने पहुंचेंगे जिससे महामारी फैलने की आशंका बहुत बढ़ जाएगी. इसलिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सितम्बर से यात्रा पर विचार किया जाए.

ये भी देखें: 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज