सड़क निर्माण में देरी से रुद्रप्रयाग के एक कस्बे में खाद्यान्न का संकट

ETV UP/Uttarakhand
Updated: August 12, 2017, 7:23 PM IST
सड़क निर्माण में देरी से रुद्रप्रयाग के एक कस्बे में खाद्यान्न का संकट
निर्माणाधीन उबड़-खाबड़ सड़क.
ETV UP/Uttarakhand
Updated: August 12, 2017, 7:23 PM IST
उत्ताराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के एक ग्राम पंचायत की करीब पांच हजार की आबादी को सड़क से जोड़ने के मकसद से बन रही छेनानगाड-उछोला-बकसीर सड़क आज भी ग्रामीणों को यातायात सुविधा नहीं दे पा रही है.

आलम यह है कि मार्ग पर लाखों रुपए खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन एक किमी तक भी वाहन का सफर नहीं हो पा रहा है. वहीं मार्ग बन्द होने से क्षेत्र में अब खाद्यान का संकट पैदा होने लगा है.

सुदूरवर्ती क्षेत्र धंगासू बांगर को सड़क मार्ग से जोड़ने के मकसद से पूर्ववर्ती टिहरी जनपद के दौरान इस मार्ग को लोक निर्माण विभाग कीर्तीनगर द्वारा काटा गया था. बाद में जनपद बनने के बाद लोक निर्माण विभाग रुद्रप्रयाग ने वर्ष 2005 में इस मार्ग पर करीब 25 लाख रुपए खर्च किए और अब 2015 से मार्ग विश्व बैंक के अनुदान के तहत निर्माणाधीन है.

मार्ग की लागत 297.27 लाख रुपये प्रस्तावित है और मार्ग का कार्य 7 जुलाई 2016 में समाप्त होना था मगर आज भी मार्ग की स्थिति यह है कि उस पर वाहन चलना तो दूर पशु भी चलने से कतरा रहे हैं.

मार्ग निर्माण से पैदल रास्ते समाप्त हो चुके हैं तो मलबे से ग्रामीणों की खेती तबाह हो गयी है. ग्रामीणों को 5 से 15 किमी दूर तक पैदल सफर करना पड़ रहा है और लंबे समय से मार्ग बन्द होने के कारण अब क्षेत्र में खाद्यान का संकट पैदा हो गया है.

बीमारों को अस्पताल पहुंचाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं. स्कूली बच्चों को बिना वाहन के पैदल ही कई किमी सफर करना पड़ रहा है. विभाग ने अब ठेकेदार को 15 अगस्त तक की अन्तिम चेतावनी दे दी है अगर ठेकेदार द्वारा कार्य में तेजी नहीं लायी जाती है तो विभाग कठोर कार्रवाई की तैयारी में है.
First published: August 12, 2017
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