Viral Video: सोशल मीडिया में केदारनाथ गर्भगृह का वीडियो, जिला प्रशासन व मंदिर समिति ने साधी चुप्पी

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बाबा केदारनाथ का वीडियो (फाइल फोटो)
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बाबा केदारनाथ का वीडियो (फाइल फोटो)

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि पूरे मामले में मंदिर समिति से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है. इसकी पूरी जिम्मेदारी मंदिर समिति की है. शनिवार शाम तक पूरे मामले में मीडिया (Media) को जानकारी दे दी जाएगी.

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रुद्रप्रयाग. करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीक बाबा केदारनाथ (Baba Kedarnath) के गर्भगृह का वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) में वायरल होने से हड़कंप मच गया है. न्यूज18 पर खबर चलने के बाद जहां प्रशासन ने पूरे मामले में जांच की बात कर पल्ला झाड़ने की कोशिश की, तो वहीं संत समाज, तीर्थपुरोहित व मंदिर समिति के पूर्व उपाध्यक्ष ने इसे परंपराओं को तोड़ने वाला गंभीर मुद्दा मानते हुए कार्रवाई की मांग की है. बता दें कि 29 अप्रैल को बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने के बाद प्रशासन ने वहां केवल परम्पराओं को निभाते हुए पूजा की अनुमति दी थी. लॉकडाउन के कारण जिला प्रशासन के अनुसार किसी भी भक्त को बाबा केदारनाथ या मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं है. लेकिन बीते 3 मई ले बाद आश्चर्यजनक ढंग से बाबा केदार के गर्भग्रह में वीडियो सोशल मीडिया में अपलोड होने की घटनाओं से परम्परा व मंदिर समिति के नियमों को तोड़ा जा रहा है, जिसका न्यूज18 द्वारा खुलासा करने के बाद हड़कम्प मचा हुआ है.

रावल पर उठे सवाल
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल केदारनाथ रावल भीम शंकर लिंग पर उठ रहा है, क्योंकि उनकी मंदिर के गर्भगृह में पूजा के दौरान का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जबकि रावल हमेशा केदारनाथ की परम्पराओं को बनाने रखने की बातें करते आये हैं.





उठे सवालों पर जिला प्रशासन ने साधी चुप्पी
वहीं, पूरे मामले में जहां रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन पर गंभीर सवाल उठे हैं. रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने इस पर चुप्पी साध ली है. दरअसल सोशल मीडिया में कुल 3 वीडियो वायरल हुए हैं जिनमें से एक वीडियो को लेकर सवाल उठ रहा है, जिसे यूट्यूब पर अपलोड कर फेसबुक में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा शेयर किया गया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है वो व्यक्ति क्या मंदिर समिति से जुड़ा था या फिर किसी भक्त ने ऐसा किया है. सवाल ये भी उठता है कि जिला प्रशासन की पाबंदियों के बावजूद वह मंदिर के गर्भगृह में कैसे पहुंच गया, और उसके बाद वीडियो भी बनाई. वही जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि पूरे मामले में मंदिर समिति से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है. इसकी पूरी जिम्मेदारी मंदिर समिति की है. शनिवार शाम तक पूरे मामले में मीडिया को जानकारी दे दी जाएगी.

तीर्थ पुरोहित व संत सामाज में नाराजगी
केदारनाथ में गर्भग्रह के वीडियो वायरल होने के बाद संत समाज में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. कोटेश्वर मंदिर के महंत शिवानंद गिरी महाराज का कहना है कि परम्पराओं को तोड़ भक्तों की आस्था को ठेस पहुचाई गयी है. संत समाज इसे लेकर शासन प्रशासन को ज्ञापन भी देने जा रहा है. तीर्थ पुरोहित व एडवोकेट प. अरुण बाजपेई का कहना है कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में पहली बार इस तरह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होते देखे हैं. इस पर दोषियों पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए. वहीं बद्री केदार मंदिर समिति के निवर्तमान उपाध्यक्ष अशोक खत्री का कहना है कि केदारनाथ गर्भगृह का वीडियो बनाये जाने की घटना गलत है और पूर्व से ही इस तरह का चित्रण किया जाना प्रतिबंधित रहा है. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि किसी से अनजाने में ही यह चूक हुई होगी. उधर कांग्रेस यूथ के जिलाध्यक्ष संतोष रावत ने कहा कि इस इससे करोड़ों हिंदुओ की भावनाएं आहत हुई हैं. इस पर कानूनी पहलुओं पर हम विचार कर रहे हैं.

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